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किसान दिवस पर फिर से DM ने अलापा राग, समस्याओं के समाधान और फार्मर रजिस्ट्री के लिए दिए सख्त निर्देश

चंदौली कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में किसानों की समस्याओं पर मंथन हुआ। डीएम ने नीलगायों से फसल सुरक्षा, समय पर गेहूं भुगतान और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री (किसान आईडी) को अनिवार्य बताते हुए अधिकारियों को जवाबदेही तय की।

 
 

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस संपन्न

फार्मर रजिस्ट्री और किसान आईडी अनिवार्य

नीलगायों से फसल सुरक्षा हेतु विशेष अभियान

गेहूं खरीद के बाद समय पर भुगतान का निर्देश

तहसील स्तरीय शिकायतों का 7 दिन में निस्तारण

चंदौली जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में 'किसान दिवस' का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। बैठक की शुरुआत में उप निदेशक कृषि भीमसेन ने पिछले माह प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने कृषि और संबद्ध विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर हर पात्र किसान तक पहुँचना चाहिए।

नीलगायों का आतंक और गेहूं खरीद पर चर्चा
बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने आवारा पशुओं, विशेषकर नीलगायों द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि इसके लिए वन विभाग और संबंधित अधिकारियों द्वारा अभियान चलाकर उन्हें पकड़ने और उचित स्थानों पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने गेहूं क्रय केंद्रों की स्थिति की समीक्षा की और किसानों से अपील की कि वे अपने गेहूं का विक्रय सरकारी केंद्रों पर ही करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीद के तत्काल बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि किसानों को आर्थिक संकट न झेलना पड़े।

फार्मर रजिस्ट्री: योजनाओं का लाभ पाने के लिए अनिवार्य
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से 'फार्मर रजिस्ट्री' (किसान आईडी) पर जोर देते हुए कहा कि राजस्व कर्मियों (लेखपालों) द्वारा क्रय केंद्रों पर ही यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने किसान भाइयों से अपील की कि वे अपनी किसान आईडी अवश्य बनवा लें, क्योंकि आने वाले समय में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह अत्यंत आवश्यक होगी। उन्होंने कहा कि तकनीक और सरकारी अनुदान के सही समन्वय से ही किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

अधिकारियों को 7 दिन की मोहलत और सख्त चेतावनी
प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि तहसील स्तर पर जो भी शिकायतें प्राप्त होती हैं, उनका निस्तारण अधिकतम 7 कार्य दिवसों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी शिकायत के लंबित रहने पर किसान को दोबारा कार्यालय आना पड़ा, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध विधिक एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने बैंकों को भी निर्देशित किया कि प्रगतिशील किसानों को ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न की जाए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, उप निदेशक कृषि, अधिशासी अभियंता (चंद्रप्रभा/विद्युत/नलकूप), मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी सहित जनपद के कई प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि किसान राष्ट्र की रीढ़ हैं और प्रशासन की प्राथमिकता उनके हितों की रक्षा करना है।

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