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50 लाख से अधिक की परियोजनाओं पर जिलाधिकारी सख्त, इन कार्यों के लिए कसी नकेल

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने 50 लाख से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने समयबद्धता और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं को कड़ी चेतावनी दी।

 

जिलाधिकारी की विकास कार्यों पर समीक्षा

50 लाख से अधिक की परियोजनाएं

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर

समयबद्धता के साथ विकास कार्य पूरे

लंबित परियोजनाओं के त्वरित निष्पादन का निर्देश

चंदौली जनपद में संचालित 50 लाख रुपये से अधिक लागत की निर्माण परियोजनाओं, पूर्वांचल विकास निधि और त्वरित आर्थिक विकास कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में जारी विकास कार्यों में तेजी लाना और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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प्रमुख परियोजनाओं पर की गई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान जिले की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर बारीकी से समीक्षा की गई। इनमें पेयजल योजनाएं, सड़क निर्माण, विद्युत व्यवस्था और सरकारी भवनों का निर्माण शामिल रहा। जिलाधिकारी ने विकास खण्ड नियमताबाद में गंगा तट पर स्थित ग्राम कुण्डाकला एवं कुण्डाखुर्द में कटान निरोधक कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही, सकलडीहा तहसील के नरौली ग्राम में हो रहे कटान को रोकने की परियोजना पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

इसके अलावा, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में टाइप-4 आवासीय भवनों का निर्माण, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बरहनी में छात्रावास का निर्माण और नगर पालिका परिषद में 50 टीपीडी सॉलिड वेस्ट प्लांट के निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

शिथिलता बरतने वाली संस्थाओं पर गिरी गाज
बैठक में कार्य की गति को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य में शिथिलता बरतने के कारण यू.पी. प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लि. (निर्माण इकाई-03, वाराणसी) को जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई और कार्य में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। वहीं, बाबा कीनाराम अघोरपीठ मठ में पर्यटन विकास, मल्टीपर्पज हॉल और सांस्कृतिक पंडाल के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर, जांच उपरांत हैंडओवर करने का आदेश दिया गया।

समयबद्धता और समन्वय पर जोर
जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपस में समन्वय स्थापित करें और कार्य की प्रगति में आ रही अड़चनों को तुरंत साझा करें ताकि उनका समय रहते निराकरण किया जा सके। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को हिदायत दी कि विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में प्रस्तुत की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, वन, पर्यटन, समाज कल्याण और जल निगम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अधिकारियो को स्पष्ट निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यस्थल का नियमित निरीक्षण करना संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है। किसी भी परियोजना में सामग्री की गुणवत्ता या काम की रफ्तार में कोई कमी पाई गई तो संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। चंदौली के विकास के लिए सरकार द्वारा आवंटित धन का सदुपयोग और जनता को इसका लाभ समय पर मिलना ही प्रशासन की प्राथमिकता है।

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