जसूरी माइनर की पुलिया बनी 'बीमारी का जंक्शन', सड़ते मवेशियों की दुर्गंध से ग्रामीण बेहाल, संक्रामक रोगों का खतरा
चंदौली के पुरवा तालुके में जसूरी माइनर की पुलिया ग्रामीणों के लिए आफत बन गई है। मानक विहीन निर्माण और नहर के बीच फंसी पाइपलाइन के कारण मरे हुए मवेशी यहाँ फंसकर सड़ रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में महामारी का डर बना हुआ है।
जसूरी माइनर पुलिया पर बढ़ा संकट
मानक विहीन निर्माण से जलभराव और गंदगी
सड़ते मवेशियों से फैल रही दुर्गंध
जल निगम की पाइपलाइन बनी बाधा
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
चंदौली जनपद के पुरवा तालुके के चकिया गांव के समीप स्थित जसूरी माइनर पर बनी पुलिया इन दिनों प्रशासनिक और विभागीय लापरवाही की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। जो पुलिया ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए बनाई गई थी, वह अब दुर्गंध, गंदगी और गंभीर बीमारियों का केंद्र बन गई है। नहर विभाग और जल निगम के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा स्थानीय ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
मानक विहीन निर्माण और फंसी पाइपलाइन
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि नहर विभाग द्वारा निर्मित यह पुलिया मानकों के अनुरूप नहीं है। पुलिया की ऊंचाई कम रखी गई है और इसके बीच में पुट्टी (भराव) कर दी गई है, जिससे पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित होता है। कोढ़ में खाज का काम जल निगम की उस पाइपलाइन ने किया है, जिसे जल नल योजना के तहत नहर के भीतर से ही निकाल दिया गया है। कायदे से इस पाइपलाइन को सुरक्षित ऊंचाई पर ऊपरी सतह से ले जाना चाहिए था, लेकिन इसे माइनर के अंदर डालने से कचरा और मरे हुए जानवर यहाँ फंसने लगे हैं।
सड़ते मवेशी और महामारी का डर
माइनर में बहकर आने वाले मरे हुए मवेशी अक्सर इस पुलिया और पाइपलाइन के अवरोध में फंस जाते हैं। कई-कई दिनों तक इन शवों को हटाया नहीं जाता, जिससे वे पानी में ही सड़ने लगते हैं। इससे पूरे इलाके में ऐसी असहनीय दुर्गंध फैल जाती है कि राहगीरों का वहां से निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बदबू के कारण ग्राहक उनकी दुकानों पर आने से कतराने लगे हैं। वहीं, आसपास रहने वाले परिवारों को हैजा और अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने का डर सता रहा है।
प्रशासन से समाधान की गुहार
ग्रामीण आवास योजना के तहत बने घरों में रहने वाले लोग और स्थानीय किसान इस समस्या से बेहद आक्रोशित हैं। गांववासियों ने सामूहिक रूप से मांग की है कि पुलिया की ऊंचाई मानक के अनुसार बढ़ाई जाए, बीच की पुट्टी हटाई जाए और पाइपलाइन को नहर के अंदर से हटाकर ऊपरी सतह पर शिफ्ट किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित विभागों ने जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो वे जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने और उच्चाधिकारियों से शिकायत करने को बाध्य होंगे।
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