चंदौली में जारी है गैस सिलेंडर की किल्लत: DM साहब चेक करवाइए कौन झूठ बोल रहा..उपभोक्ताओं या एजेंसी वाले
चंदौली में रसोई गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नियम के विपरीत 50-55 दिनों तक सिलेंडर न मिलने से उपभोक्ता परेशान हैं। एजेंसियां तकनीकी बहाने बना रही हैं, जबकि प्रशासन ने लापरवाही पर जांच के आदेश दिए हैं।
चंदौली में रसोई गैस का गहरा संकट
बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा
कागजों तक सीमित सरकारी गैस वितरण नियम
ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं की भारी परेशानी
गैस एजेंसियों की लापरवाही पर जांच के आदेश
रसोई गैस का संकट जारी: चंदौली में 55 दिन बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर, अधिकारी कर रहे हैं जांच का वादा
चंदौली जिले में रसोई गैस सिलेंडर का संकट गहराता जा रहा है। गैस वितरण व्यवस्था में व्याप्त खामियों के चलते आम जनता बुरी तरह परेशान है। हालात यह हैं कि गैस कंपनियों द्वारा बनाए गए नए नियम केवल कागजों पर ही प्रभावी दिख रहे हैं, जबकि धरातल पर उपभोक्ताओं को सिलेंडर पाने के लिए दफ्तरों और गोदामों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जिले में 4.25 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं, जो इस अव्यवस्था की सीधी मार झेल रहे हैं।

नियम बनाम हकीकत: बुकिंग के 55 दिन बाद भी खाली हाथ
हाल ही में गैस वितरण के लिए नए नियम लागू किए गए थे। नियमों के अनुसार, नगर क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए अगले सिलेंडर की बुकिंग की समय सीमा 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन निर्धारित की गई थी। हालांकि, वास्तविकता इससे कोसों दूर है।
शहरी उपभोक्ताओं को बुकिंग के लिए 30 से 32 दिन तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, और बुकिंग के बाद भी सिलेंडर पाने के लिए भारी भागदौड़ करनी पड़ रही है। ग्रामीण इलाकों की स्थिति तो और भी चिंताजनक है। वहां उपभोक्ताओं को 50 से 55 दिनों तक इंतजार करने के बाद भी गैस सिलेंडर नसीब नहीं हो पा रहा है। इस देरी ने लोगों के घरों के बजट और रसोई के चूल्हे दोनों को बुरी तरह प्रभावित किया है।
कौन सुनेगा उपभोक्ताओं का दर्द
उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियां ई-केवाईसी और स्टॉक की कमी का बहाना बनाकर उन्हें टाल देती हैं। कई जगहों पर डिलीवरी व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
मुगलसराय इलाके के रहने वाले अमरनाथ का कहना है कि उन्हें 45 दिन में सिलेंडर मिलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 55 दिन बीत जाने के बाद भी वे सिलेंडर के इंतजार में हैं। अब उनके सामने लकड़ी पर खाना बनाने की नौबत आ गई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र की सुनीता देवी और महेंद्र यादव का दर्द भी कुछ ऐसा ही है। उनका कहना है कि डिलीवरी वैन कभी समय पर नहीं आती और उन्हें पांच-छह किलोमीटर दूर गोदाम तक जाकर खुद सिलेंडर लाना पड़ रहा है। अमित सिंह जैसे उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी बताकर उन्हें लौटा दिया जाता है, जिससे उनकी परेशानी कम होने के बजाय बढ़ गई है।

सरकारी अफसर केवल जांच का कर रहे दावा
जब इस गंभीर स्थिति को लेकर जिला प्रशासन से संपर्क किया गया, तो जिला पूर्ति अधिकारी वासुदेव तिवारी ने कहा कि जनपद में रसोई गैस की कोई स्थायी किल्लत नहीं है। उनका दावा है कि आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। जहां तक उपभोक्ताओं को बुकिंग में हो रही देरी या नए नियमों के पालन में समस्या की बात है, तो यह तकनीकी कारणों या स्थानीय स्तर पर एजेंसी की लापरवाही हो सकती है।
अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि कोई गैस एजेंसी जानबूझकर रिफिलिंग में देरी कर रही है या निर्धारित समय सीमा का उल्लंघन कर रही है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, चंदौली के आम उपभोक्ताओं की नजरें इस आश्वासन पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन वास्तव में गैस एजेंसियों पर लगाम लगा पाएगा और उन्हें समय पर सिलेंडर उपलब्ध हो सकेगा। तब तक, चूल्हे की आग बुझने का डर उनके मन में बना हुआ है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








