बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान: चंदौली में जन्मीं 20 बेटियों की माताओं को मिला सम्मान, सुमंगला योजना के लिए दी गई जानकारी
चंदौली जिला मुख्यालय स्थित एम.सी.एच. विंग में महिला कल्याण विभाग द्वारा 'कन्या जन्मोत्सव' का आयोजन किया गया। इस दौरान 20 नवजात बच्चियों के परिजनों को बेबी किट दी गई और सुमंगला योजना के प्रति जागरूक किया गया।
एमसीएच विंग में कन्या जन्मोत्सव
बीस नवजात बच्चियों को उपहार
सुमंगला योजना की दी जानकारी
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान
रागिनी सिंह के नेतृत्व में आयोजन
चंदौली जिले में समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को गति देने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय पर एक सराहनीय पहल की गई है। महिला कल्याण विभाग द्वारा शुक्रवार, 12 जून 2026 को जिला मुख्यालय स्थित एम.सी.एच. (MCH) विंग में एक भव्य 'कन्या जन्मोत्सव' कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह अनोखा उत्सव अस्पताल के एस.एन.सी.यू., पी.एन.सी. और एल.आई.सी.यू. वार्ड में भर्ती उन प्रसूताओं के लिए आयोजित हुआ, जिन्होंने हाल ही में बेटियों को जन्म दिया है। इस दौरान विभाग की तरफ से 20 नवजात बच्चियों की माताओं और उनके परिजनों को विशेष बेबी किट भेंट कर बधाई दी गई।

बाल विकास योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की दी सीख
कार्यक्रम के दौरान केवल उपहार ही नहीं बांटे गए, बल्कि अस्पताल में मौजूद ग्रामीण व शहरी परिवेश की महिलाओं को जागरूक भी किया गया। महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं और उनके परिजनों को महिला व बाल विकास से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से समझाया।
इसके साथ ही, महिलाओं को किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा और सहायता के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 1090, 112 और 181) के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि मुसीबत के समय वे इन नंबरों का उपयोग कैसे कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ उठाने की विशेष अपील
समारोह में विभागीय अधिकारियों ने नवजात बालिकाओं के माता-पिता को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' का लाभ उठाने से बिल्कुल न चूकें। इस योजना से बेटियों की पढ़ाई और भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। अधिकारियों ने माता-पिता को योजना के तहत निर्धारित श्रेणियों की जानकारी दी और यह भी समझाया कि कौन-कौन से आवश्यक दस्तावेज लगाकर समय से ऑनलाइन आवेदन करना है। इस जानकारी को पाकर प्रसूताओं के तीमारदारों ने खुशी जाहिर की।
इस गरिमामयी और संवेदनशील कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला कल्याण विभाग की जिला मिशन को-ऑर्डिनेटर श्रीमती रागिनी सिंह, रंजना श्रीवास्तव और रीना त्रिपाठी की मुख्य भूमिका रही। इसके अलावा जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से पी.एन.सी. वार्ड इंचार्ज सोनम यादव सहित चिकित्सा विभाग के अन्य जिम्मेदार कर्मचारी और पैरामेडिकल स्टाफ भी मुस्तैद रहा। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से अस्पताल में प्रसव कराने आई महिलाओं का मनोबल और सम्मान दोनों बढ़ता है।
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