जिलाधिकारी के हर बार मंडी समिति के केन्द्र निरीक्षण पर सवाल, दूर-दराज के गेहूं खरीद का बुरा है हाल
चंदौली जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने नवीन मंडी में गेहूं खरीद का औचक निरीक्षण किया। किसानों से बातचीत कर पारदर्शी खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता हटाने की जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण
गेहूं खरीद में पारदर्शिता के निर्देश
किसानों से ली गई सीधी जानकारी
फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता खत्म
कंट्रोल रूम स्थापित करने के आदेश
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चंदौली जिले के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने नवीन मंडी स्थल पर चल रही गेहूं खरीद का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और केंद्र प्रभारियों को पारदर्शी तरीके से खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब किसान बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी अपना गेहूं सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्री की अनिवार्यता हटा दी है ताकि अधिक से अधिक किसान सरकारी खरीद का लाभ उठा सकें।

खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता का निर्देश
जिलाधिकारी ने केंद्रों पर निरीक्षण पंजिका, शिकायत रजिस्टर और अभिलेखों की जांच की। उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों के गेहूं की तौल रजिस्ट्रेशन के अनुसार ही की जाए और खरीद ई-पॉस मशीन से ही हो। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

सुविधाओं की व्यवस्था पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान केंद्रों पर कांटा, बोरी, नमी मापक यंत्र और अन्य संसाधन पर्याप्त मात्रा में मिले। किसानों के लिए पेयजल और छायादार बैठने की व्यवस्था भी पाई गई। जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि प्रत्येक केंद्र पर बैनर लगाया जाए जिसमें खरीद मूल्य, प्रभारी का नाम, विपणन अधिकारी और एसडीएम का नंबर प्रदर्शित हो।
कंट्रोल रूम के जरिए होगी निगरानी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी को जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए। इससे बोरे की उपलब्धता, भुगतान और तकनीकी समस्याओं का समाधान समय पर हो सकेगा।
किसान नेताओं की प्रतिक्रिया
किसान नेताओं ने कहा कि जिलाधिकारी के साथ-साथ जिले में आने वाले बड़े अधिकारियों को कभी नौगढ़, चकिया, चहनिया और धानापुर जैसे दूर-दराज के केंद्रों का भी निरीक्षण करना चाहिए। उनका आरोप है कि मुख्यालय पर दिखाने के लिए मंडी समिति में सब कुछ व्यवस्थित रखा जाता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आखिरकार अच्छी फोटो खिचाने के लिए मंडी समिति का ही औचक निरीक्षण हर बार क्यों करते हैं। जिला मुख्यालय पर दिखाने के लिए अधिकारी हर चीज अच्छी रखते हैं।
वैसे तो कहा जा रहा है कि जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन दूरस्थ केंद्रों की स्थिति पर भी ध्यान देना आवश्यक है ताकि सभी किसानों को समान लाभ मिल सके।
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