चंदौली में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज ओवरब्रिज गिरने पर पहुंचे मनोज सिंह, लगाने लगे कमीशनखोरी के आरोप
चंदौली के बनौली में एक निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का हिस्सा ढलैया के दौरान अचानक गिर गया। ग्रामीणों ने घटिया सामग्री और अधिकारियों की अनुपस्थिति को हादसे की वजह बताया है। इस घटना ने रेलवे और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रात 11 बजे ढलैया के दौरान हुआ हादसा
मौके से नदारद रहे जिम्मेदार इंजीनियर और अधिकारी
हाथ से रगड़ने पर टूट रही निर्माण सामग्री
ग्रामीणों ने पहले भी की थी शिकायत
भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के लगे गंभीर आरोप
चंदौली जनपद के बनौली खुर्द गाँव के पास एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। यहाँ बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की ढलैया के दौरान पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह घटना रात के लगभग 11 बजे हुई जब पुल के ऊपरी हिस्से की ढलैया का काम चल रहा था। गनीमत रही कि यह हादसा रात के समय हुआ, वरना दिन के समय यहाँ भारी चहल-पहल और स्कूल जाने वाले बच्चों की भीड़ रहती है, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती थी।

इंजीनियरों की गैर-मौजूदगी और लापरवाही
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर कोई भी जिम्मेदार इंजीनियर या अधिकारी मौजूद नहीं रहता है। स्थानीय निवासी बबलू सिंह ने बताया कि पूरा काम केवल लेबरों और ठेकेदारों के भरोसे चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर मौके पर इंजीनियर होते, तो शायद यह लापरवाही नहीं होती। ग्रामीणों का कहना है कि जब पिलर ही सही नहीं था, तो उस पर छज्जा डालने की जल्दबाजी क्यों की गई?
निर्माण सामग्री की खराब गुणवत्ता
हादसे के बाद जब स्थानीय लोगों ने मलबे की जांच की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। वीडियो साक्ष्यों में देखा जा सकता है कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री इतनी कमजोर है कि वह हाथों से रगड़ने पर ही टूट रही है। ग्रामीण दीपक कुमार ने बताया कि उन्होंने पहले भी निर्माण की खराब गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी, लेकिन ठेकेदार के लोगों ने इसे अनसुना कर दिया और मनमाने ढंग से काम जारी रखा।
मजदूरों और जानवरों के घायल होने की सूचना
हालांकि कुछ स्थानीय लोग एक-दो व्यक्तियों को हल्की चोटें आने की बात कह रहे हैं, लेकिन स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने मौके पर पहुँचकर आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में हादसे को दबाने की कोशिश की गई है। उन्होंने आशंका जताई कि ढलैया के समय मौजूद मजदूर मलबे में दबे हो सकते हैं या उन्हें कहीं और ले जाया गया है, क्योंकि अधिकारी और ठेकेदार मौके से फरार हैं।
पूर्व विधायक मनोज सिंह का भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप
इस घटना ने अब राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। पूर्व विधायक मनोज सिंह ने इसे "डबल इंजन सरकार" में भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे और पीडब्ल्यूडी दोनों की मिलीभगत से यह काम हो रहा था, जहाँ अधिकारियों और नेताओं के बीच कमीशनखोरी के कारण गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को जेल भेजने की मांग की है। फिलहाल, इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
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