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बरठी-कमरौर रेलवे फाटक बंद करने की तैयारी से भड़कीं महिलाएं, दीवार बनाने का रोका काम..देखें वीडियो

चंदौली के सैयदराजा में बरठी-कमरौर रेलवे फाटक को बंद करने और दीवार बनाने की रेलवे की तैयारी का महिलाओं व ग्रामीणों ने उग्र विरोध किया है। लोग बिना फुट ओवर ब्रिज के रास्ता बंद करने का विरोध कर रहे हैं।

 
 

बरठी-कमरौर रेलवे फाटक पर विवाद

रेलवे ने शुरू किया दीवार निर्माण

महिलाओं ने किया जोरदार प्रदर्शन

फुट ओवर ब्रिज की उठी मांग

विधायक और डीएम को सौंपा ज्ञापन

चंदौली जिले के सैयदराजा थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहाँ के बरठी-कमरौर रेलवे फाटक को हमेशा के लिए बंद करने की रेलवे विभाग की तैयारी जैसे ही तेज हुई, स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। रेलवे विभाग द्वारा फाटक के पास बाउंड्री वॉल (दीवार) बनाने का काम शुरू करते ही शुक्रवार को भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष मौके पर इकट्ठा हो गए। आक्रोशित महिलाओं ने निर्माण कार्य को बीच में ही रुकवाकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों का साफ कहना है कि बरठी-कमरौर रेलवे फाटक केवल एक रास्ता नहीं है, बल्कि यह आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों के जीवन से जुड़ा प्रमुख मार्ग है। रोजाना इसी रास्ते से होकर स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, मरीज और किसान आते-जाते हैं। अगर रेलवे ने बिना किसी वैकल्पिक इंतजाम के इस चालू रास्ते को अचानक बंद कर दिया, तो हजारों लोगों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाएगा और उन्हें रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

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विधायक और डीएम को भी दिया जा चुका है ज्ञापन
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे पहले ही क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक सुशील सिंह और जिलाधिकारी (DM) चंद्र मोहन गर्ग को लिखित ज्ञापन सौंप चुके हैं। ज्ञापन के जरिए जनता ने गुहार लगाई थी कि इस जरूरी रेलवे फाटक को किसी भी हाल में बंद न किया जाए। लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी रेलवे विभाग या स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई लिखित आश्वासन या जवाब नहीं मिला है, जिससे ग्रामीणों की नाराजगी और ज्यादा बढ़ती चली गई।

महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि वे रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के खिलाफ नहीं हैं। अगर सुरक्षा के लिहाज से इस फाटक को बंद करना बहुत ज्यादा जरूरी है, तो रेलवे प्रशासन को दीवार बनाने से पहले वहां एक फुट ओवर ब्रिज (FOB) या कोई दूसरा अंडरपास बनाना चाहिए। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे रास्ता बंद कर देना पूरी तरह से जनहित के खिलाफ है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
चक्काजाम और प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने रेलवे को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके आवागमन को लेकर जल्द ही कोई सकारात्मक और लिखित फैसला नहीं लिया गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और ज्यादा उग्र करने के लिए मजबूर होंगी। ग्रामीणों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे और रेलवे के इस तानाशाही फैसले का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेंगे।

फिलहाल, मौके पर दीवार बनाने के काम को लेकर पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण अब भी मौके पर डटे हुए हैं और रेलवे प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए फाटक बंद करने के फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग कर रहे हैं।

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