भारतमाला परियोजना पर नितिन गडकरी ने चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह की मांग, एक्सप्रेस-वे पर बनेगा अंडरपास और सर्विस रोड
चंदौली के किसानों की समस्याओं को देखते हुए सांसद वीरेंद्र सिंह ने एक्सप्रेस-वे पर सर्विस रोड और अंडरपास की मांग की थी। इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्थलीय निरीक्षण के निर्देश जारी कर दिए हैं।
एक्सप्रेस-वे पर सर्विस रोड की मांग
नितिन गडकरी ने दिए निरीक्षण निर्देश
सांसद वीरेंद्र सिंह की बड़ी पहल
किसानों को मिलेगी आवागमन में सुविधा
अंडरपास निर्माण की कार्यवाही होगी शुरू
चंदौली जिले के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन काशी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे पर अब सर्विस रोड और अंडरपास बनाने की राह प्रशस्त हो गई है। चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर विशेष अनुरोध किया था।, सांसद ने अवगत कराया था कि मूल डीपीआर (DPR) में सर्विस रोड का प्रावधान न होने से क्षेत्र के किसानों में काफी आक्रोश है।

नितिन गडकरी ने स्थलीय निरीक्षण के दिए आदेश
सांसद वीरेंद्र सिंह के पत्र पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने 19 जनवरी 2026 को भेजे गए अपने जवाब में स्पष्ट किया कि सांसद के अनुरोध के क्रम में संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने का निर्देश दे दिया गया है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि स्थलीय निरीक्षण के उपरांत प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकतानुसार सर्विस रोड और अंडरपास के निर्माण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

इन गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
सांसद द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में चंदौली के कई राजस्व गांवों का उल्लेख किया गया है, जो इस एक्सप्रेस-वे से प्रभावित हो रहे हैं। इनमें रेवसां, बरहुली, देवई, कठौरी, लौंदा, हीरामनपुर, शाहपुर, मद्धुपुर, सहेपुर, बहेरा, खुरहुजा, चनहटा, सिकंदरपुर, गोरारी, जगदीशपुर, काँटा, परासी खुर्द, चुरमुली, टीरो, कुसहाँ, सवैया मलहवार, धरौली और गोवर्धनपुर जैसे महत्वपूर्ण गांव शामिल हैं। इन गांवों के किसानों को अपनी फसल खलिहान तक लाने और कृषि यंत्रों (ट्रैक्टर आदि) के आवागमन के लिए सर्विस रोड की नितांत आवश्यकता है।
आंदोलन की राह पर थे क्षेत्र के किसान
गौरतलब है कि सर्विस रोड और अंडरपास का प्रावधान न होने के कारण क्षेत्र के किसान लंबे समय से परेशान थे और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दे रहे थे। सांसद वीरेंद्र सिंह ने मंत्री को पत्र लिखकर स्पष्ट किया था कि यदि उचित आश्वासन और आदेश नहीं मिला, तो किसान धरने पर बैठने को मजबूर हो जाएंगे। अब मंत्री गडकरी के निर्देशों के बाद प्रशासन और विभाग हरकत में आ गया है, जिससे किसानों की समस्याओं के जल्द समाधान की उम्मीद जाग गई है।
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