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चंदौली साइबर सेल का बड़ा एक्शन: ठगी के शिकार 2 पीड़ितों के खाते में वापस कराए ₹11,000

क्या आपका पैसा भी साइबर ठगी का शिकार हो गया है? चंदौली पुलिस ने तकनीकी सूझबूझ से दो पीड़ितों की मेहनत की कमाई वापस कराकर मिसाल पेश की है। जानिए कैसे पुलिस की तत्परता ने ठगों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

 
 

एसपी आदित्य लांग्हे का साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान

साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण से वापस कराई ठगी की रकम

पीड़ित शौरभ चंद और चंद्रिका प्रसाद के खिले चेहरे

गोल्डन ऑवर में शिकायत करने पर पैसा वापसी की बढ़ी उम्मीद

चंदौली पुलिस की आम जनमानस से 'सतर्क रहने' की विशेष अपील

चंदौली में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक आत्यि लांग्हे के कुशल निर्देशन में जनपदीय साइबर सेल ने तत्परता दिखाते हुए दो अलग-अलग मामलों में ठगी का शिकार हुए पीड़ितों की कुल ₹11,000 की धनराशि उनके बैंक खातों में सफलतापूर्वक वापस करा दी है।

अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनन्त चन्द्रशेखर (IPS) और क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम नामेन्द्र कुमार के पर्यवेक्षण में साइबर सेल की टीम ने इन शिकायतों पर गहन तकनीकी विश्लेषण किया। टीम ने त्वरित बैंकिंग समन्वय (Bank Liaison) के माध्यम से ठगों द्वारा फ्रीज किए गए ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया और पैसा वापस दिलाने में सफलता हासिल की।

इन पीड़ितों की हुयी है मदद

सौरभ चंद (निवासी: तेन्दुआ मझगाई, चन्दौली): इनके खाते से धोखाधड़ी कर ₹6,000 निकाले गए थे, जिसे पुलिस ने रिकवर कर लिया।

चन्द्रिका प्रसाद (निवासी: ग्राम मनोहरपुर गोधना, अलीनगर): इनके खाते से कटे ₹5,000 की राशि भी सुरक्षित वापस करा दी गई।

साइबर सेल की विशेष अपील: 'सतर्क रहें, सुरक्षित रहें'
साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग और उनकी टीम ने आम जनता से अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ठग अक्सर बैंक अधिकारी बनकर फोन करते हैं, लेकिन बैंक कभी भी फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगता।

ठगी होने पर क्या करें? (सुरक्षा टिप्स)
1-गोपनीयता: कभी भी अपना OTP, PIN या बैंक पासवर्ड किसी अनजान को न दें।

2-संदिग्ध लिंक: व्हाट्सएप या ईमेल पर आने वाले 'इनाम' या 'KYC अपडेट' के फर्जी लिंक पर क्लिक करने से बचें।

3-स्क्रीन शेयरिंग: AnyDesk, TeamViewer या RustDesk जैसे ऐप किसी के कहने पर इंस्टॉल न करें, ये आपके फोन का पूरा कंट्रोल ठगों को दे सकते हैं।

जानें गोल्डन ऑवर का महत्व
 यदि आपके साथ ठगी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। शुरुआती 2 घंटों के भीतर शिकायत करने पर पैसा वापस मिलने की संभावना 90% तक होती है।

चंदौली पुलिस की इस कार्यप्रणाली की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है। साइबर सेल की टीम में प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग के साथ अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे जिन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पीड़ितों को राहत पहुँचाई।

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