चंदौली में पुलिस और किसान आमने-सामने: ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा रोकने पर भड़के भाकियू कार्यकर्ता, सड़क पर शुरू हुआ धरना
चंदौली जिला मुख्यालय पर ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा निकालने के दौरान पुलिस और किसानों में तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस द्वारा यात्रा रोकने पर किसान सड़क किनारे धरने पर बैठ गए। भाकियू ने प्रशासन को आमरण अनशन और राकेश टिकैत के आने की चेतावनी दी है।
ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा पर पुलिस का पहरा
सड़क किनारे धरने पर बैठे भाकियू किसान
प्रशासन को दी गई आमरण अनशन की चेतावनी
राकेश टिकैत के चंदौली आने की संभावना
पूर्व सूचना के बाद भी यात्रा रोकने का आरोप
चंदौली जिला मुख्यालय पर सोमवार दोपहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ता और पुलिस बल आमने-सामने आ गए। गणतंत्र पर्व के उपलक्ष्य में किसान पांच ट्रैक्टरों के साथ तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे। जैसे ही यात्रा पुलिस लाइन के पास पहुँची, सदर क्षेत्राधिकारी (CO) देवेंद्र कुमार और सदर कोतवाल संजय कुमार सिंह ने भारी फोर्स के साथ इसे रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज किसानों ने अपने ट्रैक्टर सड़क किनारे लगा दिए और विरोध स्वरूप वहीं धरने पर बैठ गए।

प्रशासन के सामने अनशन की चेतावनी
भाकियू के मंडल प्रवक्ता मणिदेव चतुर्वेदी ने पुलिसिया कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा की लिखित सूचना जिलाधिकारी को तीन दिन पहले ही दे दी गई थी। चतुर्वेदी ने कहा, "ट्रैक्टर किसानों की शान है। हम गणतंत्र का जश्न मना रहे हैं, फिर पुलिस को हमारी यात्रा से परहेज क्यों है?" किसानों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि यात्रा को दोबारा शुरू नहीं करने दिया गया, तो वे आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।

राकेश टिकैत के आने की सुगबुगाहट
किसानों ने जिला प्रशासन को आगाह किया कि यदि मामला नहीं सुलझा तो संगठन के राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत चंदौली का रुख कर सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। प्रदर्शन के दौरान रामाश्रय, दिलीप, अलाउद्दीन, कन्हैया, प्रभाकर मौर्य, राजीव कुमार, लल्लन, सुधीर, जेपी, नरेंद्र शर्मा, अरविंद और श्रवण सहित दर्जनों किसान मौके पर डटे रहे।
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