चंदौली में 650 बदमाशों की खुली हिस्ट्रीशीट, अब AI रखेगा 24 घंटे नजर; लापरवाह पुलिस अफसरों को अल्टीमेटम
चंदौली पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए 'यक्ष ऐप' लॉन्च किया है, जिसमें 9 हजार से ज्यादा बदमाशों की कुंडली दर्ज है। अब राह चलते ही अपराधी पुलिस की नजरों में आ जाएंगे। जानिए कैसे काम करता है यह खास AI सिस्टम।
यक्ष ऐप पर 9119 अपराधियों का पूरा डेटा हुआ ऑनलाइन फीड
चंदौली जिले के 650 शातिर बदमाशों की खुली नई हिस्ट्रीशीट
लापरवाही बरतने वाले विवेचकों को एसपी आकाश पटेल की चेतावनी
16 पुलिस थानों में लंबित 970 मामलों की जांच के लिए 90 दिनों का अल्टीमेटम
चंदौली जिले में अपराधियों और बदमाशों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए पुलिस ने एक हाईटेक रास्ता अपना लिया है। अब अपराधियों की खैर नहीं होगी, क्योंकि पुलिस ने 'यक्ष ऐप' पर जिले के 9119 अपराधियों की पूरी कुंडली फीड कर दी है। इस डिजिटल डेटाबेस की मदद से अब पुलिस को राह चलते बदमाशों को पहचानने और उन्हें दबोचने में बहुत बड़ी मदद मिलने वाली है।
आजकल के शातिर अपराधी पुलिस से बचने के लिए नए-नए तकनीकी हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसे में कम संसाधनों और स्टाफ की कमी से जूझ रही पुलिस के लिए इन तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया था। इसी का तोड़ निकालते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित यह डिजिटल डेटाबेस तैयार किया है।

यक्ष ऐप में दर्ज है अपराधियों का पूरा काला चिट्ठा
इस यक्ष ऐप की सबसे खास बात यह है कि इसमें न सिर्फ बदमाशों की थानेवार फीडिंग की गई है, बल्कि फरार चल रहे अपराधियों की भी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसमें पंजीकृत और सक्रिय अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और माफियाओं का पूरा विवरण जैसे उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट, बायोमेट्रिक, फोटो, वीडियो और वॉयस सैंपल तक ऑनलाइन दर्ज किए गए हैं।
इस ऐप की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों मुगलसराय पुलिस टीम ने लखनऊ में हुए एक भाजपा नेता की हत्या के आरोपी को इसी यक्ष ऐप की मदद से ट्रैक करके गिरफ्तार किया था। अब पुलिस जैसे ही किसी संदिग्ध को देखेगी, ऐप के जरिए उसकी पहचान तुरंत उजागर हो जाएगी।
650 बदमाशों की खुली हिस्ट्रीशीट, 24 घंटे निगरानी
जिले के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो अब तक नौ हजार से अधिक अपराधियों का ब्योरा ऐप पर लाइव हो चुका है। इसके साथ ही जिले में बेहद सक्रिय और पेशेवर 650 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है। इन चिन्हित और शातिर अपराधियों पर अब पुलिस की पैनी नजर रहने वाली है।
संबंधित थानों की पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इन हिस्ट्रीशीटरों की चौबीस घंटे मॉनीटरिंग करें। अब ये अपराधी पुलिस की नजरों से बचकर किसी भी नई वारदात को अंजाम नहीं दे पाएंगे और न ही शहर छोड़कर आसानी से भाग पाएंगे।
लापरवाह विवेचकों को अल्टीमेटम
जिले के 16 पुलिस थानों में इस समय कुल 970 विवेचनाएं (मामलों की जांच) लंबित पड़ी हुई हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) आकाश पटेल ने सभी विवेचना अधिकारियों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने निर्देश दिया है कि हर हाल में 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर फाइनल रिपोर्ट भेजी जाए। इसके लिए पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने साफ शब्दों में कहा है कि अपराधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यक्ष ऐप पर अपराधियों की हिस्ट्री अपलोड होने के बाद अब वे कहीं भी छिप नहीं पाएंगे। लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए अभियान जारी है और काम में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
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