'धान का कटोरा' चंदौली में सीड बैंक की तैयारी: आदमचीनी और काला चावल के संरक्षण के लिए दर्शना सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री को दिया लेटर
चंदौली में पारंपरिक धान की किस्मों को सहेजने और किसानों को उत्तम बीज देने के लिए “धान बीज बैंक” की मांग उठी है। सांसद दर्शना सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर पत्र सौंपा है। जानिए पूरा मामला।
चंदौली में धान बीज बैंक की मांग
सांसद दर्शना सिंह ने सौंपा ज्ञापन पत्र
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात
अदमचीनी और काला चावल का होगा संरक्षण
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
पूर्वांचल के “धान का कटोरा” कहे जाने वाले चंदौली जिले में स्थानीय एवं पारंपरिक धान की किस्मों को सुरक्षित रखने और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ी पहल की गई है। जिले में “धान बीज बैंक (Rice Seed Bank)” की स्थापना की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद श्रीमती दर्शना सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर उन्हें औपचारिक पत्र सौंपा।
सांसद दर्शना सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि चंदौली कृषि के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण जिला है और यहाँ की एक बड़ी आबादी सीधे तौर पर खेती-किसानी पर निर्भर है। जिले के किसान हर साल रिकॉर्ड मात्रा में धान का पैदावार करते हैं, जो देश के कृषि क्षेत्र में चंदौली की मजबूत भूमिका को साबित करता है।

पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में विकास
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में चंदौली लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम में शामिल चंदौली अपनी कृषि क्षमता से देश भर में पहचान बना रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि यहाँ की प्रसिद्ध पारंपरिक 'अदमचीनी' चावल को साल 2023 में जीआई (GI) टैग मिल चुका है, जबकि पौष्टिक 'काला चावल' उत्तर प्रदेश सरकार की “एक जिला एक उत्पाद” (ODOP) योजना में शामिल है। ऐसे में इन खास किस्मों को सहेजने के लिए बीज बैंक का होना बहुत जरूरी है।
पारंपरिक किस्मों का संरक्षण और निर्यात की संभावनाएं
सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि धान बीज बैंक की स्थापना से स्थानीय पारंपरिक किस्मों के बीजों का बेहतर संरक्षण किया जा सकेगा। आवश्यकता के अनुसार बीज उत्पादन बढ़ाकर किसानों को समय पर अच्छे बीज दिए जा सकेंगे।
इसके साथ ही, इन खास चावल की किस्मों के बीजों को देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी निर्यात (Export) करने की नई संभावनाएं बनेंगी। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चंदौली का नाम रोशन होगा और किसानों की आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे।
रोजगार के नए अवसर और युवाओं को जोड़ने की पहल
सांसद ने इस बात पर भी जोर दिया कि धान बीज बैंक स्थापित होने से केवल खेती को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के ढेरों अवसर पैदा होंगे। बीज उत्पादन, प्रोसेसिंग (प्रसंस्करण), स्टोरेज (भंडारण) और मार्केटिंग के क्षेत्र में काम शुरू होने से स्थानीय युवाओं को कृषि आधारित रोजगार से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे पलायन पर भी रोक लगेगी।
कृषि मंत्री से जल्द स्वीकृति देने का आग्रह
सांसद दर्शना सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से अपील की कि चंदौली में “धान बीज बैंक” के प्रस्ताव पर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाए और इसे स्वीकृति दी जाए। इससे न केवल जिले की समृद्ध कृषि विरासत और पारंपरिक धान की किस्में सुरक्षित रहेंगी, बल्कि चंदौली के लाखों किसानों को सीधे तौर पर इसका फायदा मिलेगा।
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