चंदौली में निर्माणाधीन ROB हादसे की जांच शुरू, शुरुआती जांच में सामने आई कई तरह की बड़ी लापरवाही
चंदौली के बनौली गांव स्थित निर्माणाधीन कटसिला रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का स्लैब गिरने के मामले में जांच तेज हो गई है। अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर शटरिंग और लोहे के पाइप की डिजाइन में गंभीर खामियां पाई हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच अब लैब टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार है।
निर्माणाधीन पुल के स्लैब डिजाइन में बड़ी लापरवाही
सेतु निगम की टीम ने सरिया और गिट्टी के लिए सैंपल
लोहे की पाइप और शटरिंग के आधार में मिली खामी
कांट्रैक्टर के खिलाफ प्राथमिकी और जेई पर निलंबन की कार्रवाई
पीडीडीयू-गया रेलखंड पर बनौली गांव के समीप कटसिला रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का स्लैब गिरने के मामले में शुक्रवार से जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक और लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर की अगुवाई वाली उच्चस्तरीय टीम ने मौके पर पहुंचकर कई घंटों तक तकनीकी बिंदुओं की पड़ताल की। प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसमें स्लैब को सहारा देने वाली लोहे की पाइपों और शटरिंग की डिजाइन में गंभीर खामियां पाई गई हैं।

जांच में खुली पोल: पाइप और शटरिंग में थी खामी
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जब जांच टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो अधिकारियों ने स्लैब के अवशेषों का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि स्लैब ढालने के लिए नीचे से जो सेंटरिंग का सपोर्ट दिया गया था, उसमें इस्तेमाल की गई लोहे की पाइपों की फिटिंग गलत थी। अधिकारियों ने पाया कि शटरिंग का आधार पाइप अपनी जगह से खिसका हुआ था और कुछ हिस्से आधे लटके हुए थे।
टीम ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि 16 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट में सुरक्षा और डिजाइन के मानकों की अनदेखी की गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कांट्रैक्टर प्रदीप कुमार से तीखे सवाल किए और पुल की डिजाइन, लैब टेस्ट रिपोर्ट व सेफ्टी अप्रूवल के सभी दस्तावेज तलब कर लिए हैं।
सैंपल लिए गए, लैब में होगी गुणवत्ता की परख
सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक मिथिलेश कुमार और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर सुरेंद्र कुमार ने घटनास्थल से निर्माण सामग्री के सैंपल भी लिए। टीम ने ढाई-ढाई मीटर की तीन सरिया, गिट्टी, बालू और सीमेंट के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को सरकारी लैब में भेजा जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हादसे का घटनाक्रम और अब तक की कार्रवाई
गौरतलब है कि यह हादसा बुधवार रात करीब 11 बजे हुआ था, जब पिलर संख्या छह पर स्लैब की ढलाई का काम चल रहा था। ईस्टर्न डीएफसीसी (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) पर बनौली खुर्द के समीप स्थित फाटक संख्या 78-सी पर मेसर्स श्रेष्ठाभिषेक बिल्डकॉन प्रालि द्वारा काम कराया जा रहा है। ढलाई के दौरान हाइड्रा का बूम स्टेजिंग से टकरा गया, जिससे पूरी संरचना भरभराकर गिर गई।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) चंदौली ने तत्काल जांच टीम गठित की थी। शासन स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कांट्रैक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है, जबकि संबंधित अवर अभियंता (जेई) को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा सहायक अभियंता और परियोजना प्रबंधक के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
भ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाया माहौल
आरओबी का स्लैब गिरने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी आक्रोश है। लोगों ने खुलेआम निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा बिहार में हाल के दिनों में गिरे पुलों की याद दिलाता है। लोगों ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग करते हुए उच्चाधिकारियों से अपील की है कि दोषी कांट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
परियोजना की स्थिति
कुल लागत: 16 करोड़ रुपये।
कार्य शुरू: अक्टूबर 2023।
लक्ष्य: मार्च 2026 तक पूर्ण होना।
वर्तमान स्थिति: रेलवे का हिस्सा पूरा, सेतु निगम का 30 प्रतिशत काम शेष।
जांच टीम में मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर फरहान बासित, अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार, और सिंचाई विभाग के एक्सईएन हरेंद्र सिंह भी शामिल रहे। अब सबकी नजरें लैब टेस्ट की रिपोर्ट और अधिकारियों की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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