संस्कृत विद्यालयों के निरीक्षण में सख्त दिखीं मंजू शर्मा, सुधार न होने पर कार्रवाई की चेतावनी
मंडल निरीक्षक ने परखी छात्रों की बौद्धिक क्षमता
संस्कृत विद्यालयों में मनेगा भव्य 'प्रवेश उत्सव'
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत होगा निर्माण कार्य
घर-घर जाकर नामांकन बढ़ाने के कड़े निर्देश
संस्कृत को रोजगारपरक बनाने पर शासन का जोर
चंदौली जनपद में संस्कृत शिक्षा को आधुनिक और सशक्त बनाने के संकल्प के साथ मंडल संस्कृत पाठशालाएं निरीक्षक मंजू शर्मा ने बुधवार को विभिन्न संस्कृत विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूलों की शैक्षिक व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और छात्र संख्या का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षक के कड़े तेवरों को देखकर विद्यालय प्रशासन में हड़कंप की स्थिति रही। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्रों से सुनी शिव स्तुति, परखा ज्ञान का स्तर
निरीक्षण की शुरुआत चकिया स्थित काशी नरेश राज की संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से हुई, जहाँ उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता जांची। इसके बाद वे सैयदराजा स्थित श्री दुर्गा संस्कृत पाठशाला और छत्रपुरा स्थित महाविद्यालय पहुंचीं। यहाँ मंजू शर्मा ने सीधे कक्षाओं में जाकर छात्रों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों से संस्कृत के रूप, कठिन श्लोक और 'शिव स्तुति' सुनी। छात्रों की बौद्धिक क्षमता का मूल्यांकन करते हुए उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे प्राचीन भाषा को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के साथ जोड़ें।
'प्रवेश उत्सव' से बढ़ेगी छात्र संख्या: मिशन 2026
मंजू शर्मा ने संस्कृत विद्यालयों की गिरती छात्र संख्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अध्यापकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अप्रैल और जुलाई माह में “प्रवेश उत्सव” का आयोजन किया जाए। इसके तहत शिक्षक घर-घर जाकर संपर्क करें और पंपलेट के माध्यम से समाज को संस्कृत शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार संस्कृत को अब रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ रही है, ताकि यहाँ से निकलने वाले छात्र अन्य संस्थानों की तरह अपनी विशिष्ट पहचान बना सकें।

प्रोजेक्ट अलंकार और बुनियादी ढांचा
निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत चयनित विद्यालयों की रूपरेखा पर भी विस्तृत चर्चा हुई। निरीक्षक ने प्रस्तावित निर्माण कार्यों को समय पर और मानक के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए। प्रभुपुर स्थित संपूर्णानंद संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान भी उन्होंने नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर ज्योति पांडेय, किरण पांडेय, बंशीधर द्विवेदी, रजनीश पांडेय सहित कई प्रधानाचार्य और अध्यापक उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद जगी है कि जिले के संस्कृत विद्यालयों की दशा और दिशा में सकारात्मक बदलाव आएगा।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







