विवेचना में लापरवाही पर 2 थाना प्रभारी और 3 दरोगा पर गिरी गाज, ये हैं SP आकाश पटेल के अगले शिकार
चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने थानों में लंबित मुकदमों और गो-तस्करी पर ढिलाई बरतने वाले 2 थाना प्रभारियों, 3 विवेचकों और 1 हेड मुहर्रिर के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। महकमे में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
चंदौली पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई
दो थाना प्रभारियों के खिलाफ जांच
तीन दरोगा और हेड मुहर्रिर नपे
गो-तस्करी रोकने में लापरवाही पर एक्शन
समय सीमा में विवेचना न करने पर कार्रवाई
चंदौली जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को मजबूत करने के लिए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। थानों के प्रशासनिक कार्यों और लंबित मुकदमों की विवेचना में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में जिले के कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। एसपी की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक (आपरेशन), क्षेत्राधिकारी सदर और क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर की रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त फैसला लिया गया है। जिन मामलों में 60 और 90 दिनों की तय समय सीमा के भीतर कानूनी जांच पूरी नहीं की गई, उन्हें गंभीरता से लेते हुए 2 थाना प्रभारियों, 3 विवेचकों (जांच अधिकारियों) और 1 हेड मुहर्रिर के खिलाफ प्रारंभिक और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
कंदवा थाना: गैंगस्टर एक्ट में ढिलाई पर कार्रवाई
कंदवा थाने पर गो-वध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमों के आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद थाना स्तर पर कोई खास काम नहीं हुआ। समीक्षा के दौरान पाया गया कि साल 2025 और 2026 के तीन बेहद गंभीर मामलों (मुकदमा अपराध संख्या-12/2026, मुकदमा अपराध संख्या-26/2026 और मुकदमा अपराध संख्या-117/2025) में गैंगस्टर एक्ट की फाइलें समय पर तैयार करके आगे नहीं भेजी गईं। इसे अपने काम के प्रति बड़ी लापरवाही मानते हुए थानाध्यक्ष कंदवा राजीव मल्ल और हेड मुहर्रिर मनोज सागर के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
चंदौली थाना: आधी-अधूरी जांच पर नपे इंस्पेक्टर
चंदौली थाने में तैनात विवेचक निरीक्षक रामजीत यादव की कार्यशैली में भी गंभीर कमियां पाई गईं। आर्म्स एक्ट के एक मामले में उन्होंने आरोपी सुभाष सोनकर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट तो दाखिल कर दी, लेकिन उसके पास से मिली चोरी की मोटरसाइकिल के इंजन और चेचिस नंबर का भौतिक मिलान तक नहीं कराया। इसके अलावा, एनडीपीएस (नशीले पदार्थ) एक्ट के एक मुकदमे में पिछले छह महीने से उन्होंने केस डायरी में कोई प्रगति नहीं लिखी और न ही गाड़ी के असली मालिक को ढूंढने का प्रयास किया। एक साइबर ठगी के मामले में भी उन्होंने आरोपियों के बयान दर्ज नहीं किए और न ही बैंक खातों की ठीक से जांच की। इस घोर लापरवाही के लिए उनके विरुद्ध प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं।
शहाबगंज थाना: नाबालिग की गुमशुदगी में सुस्ती
आईटीएसएसओ (ITSSO) पोर्टल पर दो महीने से ज्यादा समय से लटके मामलों की जांच के दौरान शहाबगंज थाने की एक बड़ी लापरवाही सामने आई। यहाँ एक पिता ने अपनी 17 साल की नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा (मु0अ0सं0-25/2026) दर्ज कराया था। इस बेहद संवेदनशील मामले की जांच उपनिरीक्षक (दरोगा) प्रेमचन्द्र सिंह कर रहे थे। मुकदमा दर्ज हुए दो महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी दरोगा जी ने केस को निपटाने या लड़की को बरामद करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ भी जांच बैठा दी गई है।
अलीनगर थाना: महिला सुरक्षा और गो-तस्करी पर कड़ा एक्शन
अलीनगर थाने में दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई हुई है। पहला मामला 15 जून 2026 को दर्ज हुए एक महिला से जुड़े संवेदनशील मुकदमे (मुकदमा अपराध संख्या- 169/2026) का है, जिसमें विवेचक निरीक्षक दयाराम गौतम ने समय पर सबूत इकट्ठा करने में ढिलाई बरती। उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू हो गई है।
दूसरा मामला खुद अलीनगर के प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ल से जुड़ा है। वे पिछले तीन महीनों से इस थाने पर तैनात हैं। क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर की समीक्षा में पाया गया कि इस दौरान जिले के अन्य थानों ने तो गोवंश तस्करी के खिलाफ अभियान चलाकर कई गाड़ियां पकड़ीं, लेकिन अलीनगर थाने की तरफ से कोई खास कार्रवाई देखने को नहीं मिली। इसे काम में निष्क्रियता और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना मानते हुए प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ल के खिलाफ भी प्रारंभिक व विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
एसपी बोले- सबकी जवाबदेही होगी तय
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने जिले के सभी क्षेत्राधिकारियों (CO) को साफ निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने इलाके के थानों पर लंबित मुकदमों और कोर्ट से जुड़े मामलों की हर हफ्ते खुद समीक्षा करें। एसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी पुलिसकर्मी जनता की शिकायतों और मुकदमों की जांच में ढिलाई बरतेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। चंदौली जिले में अपराध नियंत्रण और पारदर्शी पुलिस व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुशासन और समय पर काम करना सबसे जरूरी है और इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
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