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BJP सांसद के एक्शन पर स्कूल के खिलाफ मुकदमा दर्ज, देर शाम तक हो गया समझौता

चंदौली के सेंट जॉन्स कटसिला स्कूल में राज्यसभा सांसद साधना सिंह के भतीजे आर्य प्रताप सिंह को तीन शिक्षकों ने बुरी तरह पीटा। सांसद के धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन और कठोर कार्रवाई के पत्र के बाद सदर कोतवाली में आरोपित शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में सुलह-समझौता कर लिया गया।
 

 सेंट जॉन्स स्कूल में आर्य प्रताप सिंह की पिटाई

 राज्यसभा सांसद साधना सिंह के भतीजे से मारपीट

 हिन्दू छात्रों पर 'आमीन' बोलने का दबाव

 प्रार्थना के बाद बढ़ा था वाद-विवाद

 3 शिक्षकों पर मारपीट करने का लगा था आरोप

स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद हुआ समझौता

चंदौली जिले के कटसिला स्थित सेंट जॉन्स विद्यालय में 18 नवंबर 2025 को छात्र आर्य प्रताप सिंह से मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित छात्र राज्यसभा सांसद साधना सिंह का भतीजा बताया जा रहा है। लेकिन बाद में मामले में सुलह समझौता हो गया। साथ ही मामले को लेकर दोनों पक्ष अलग-अलग तर्क देते रहे।

जानकारी के मुताबिक, प्रार्थना के बाद लाइन में खड़े आर्य प्रताप सिंह ने कथित रूप से एक छात्र को लाइन तोड़कर अंदर घुसने से रोका। इसी बात पर विद्यालय के तीन शिक्षकों में शामिल साक्षी मिश्रा, एडलिन और एंड्रयू ने उसे डांटा और बाद में कमरे में ले जाकर बुरी तरह पीटा। इससे छात्र को चोटें आयी हैं। मामले में आरोप है कि शिक्षकों ने आर्य प्रताप को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से मारा, जिससे उसे कई गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं परिजनों का यह भी कहना है कि इससे पहले भी छात्र चोटों की वजह से करीब एक माह तक बीएचयू में इलाज करवाया गया था।

वहीं स्कूल से जुड़े लोगों का कहना था कि यह बच्चों के बीच का विवाद था जिसे बेवजह तूल दिया जा रहा था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत के बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। साथ सांसद ने मामले में कार्रवाई न करने के लिए पुलिस को भी पत्र लिखकर दिया है। 

 सांसद का पत्र: 'आमीन' बोलने के दबाव पर गंभीर सवाल
घटना की गंभीरता को देखते हुए सांसद साधना सिंह ने उपजिलाधिकारी सदर, सीओ चंदौली, एसएचओ सदर कोतवाली और बीएसए चंदौली सहित प्रशासन के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग की। सांसद साधना सिंह ने अपने पत्र में एक और अत्यंत गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने उल्लेख किया है कि विद्यालय परिसर में प्रार्थना के बाद छात्रों पर ‘आमीन’ शब्द बोलने का दबाव बनाया जाता है।

धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन
मामले में सीधा आरोप है कि हिन्दू छात्र ऐसा न करने पर शिक्षकों की कड़ी फटकार और मानसिक प्रताड़ना का सामना करते हैं। सांसद ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का घोर उल्लंघन बताते हुए विद्यालय प्रबंधन और आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात कही है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान आरोपित शिक्षकों ने छात्र को जान से मारने की धमकी दी।

 सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज
सांसद का पत्र प्राप्त होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपित शिक्षकों साक्षी मिश्रा, एडलिन और एंड्रयू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351 (हमला) एवं 115 (अपराध करने के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस अब पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है तथा विद्यालय प्रशासन से भी जवाब तलब किया जा रहा है। मामले को लेकर अभिभावकों में रोष व्याप्त था और पहले तो वे लोग कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन देर शाम स्थानीय लोगों के साथ दोनों पक्षों की बातचीत के बाद मामले में समझौता करते हुए कार्रवाई न करने की बात कही गयी। 

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