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शिक्षकों को मुफ्त इलाज की बड़ी सौगात: कल राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल बांटेंगे 5 लाख वाले कैशलेस हेल्थ कार्ड

चन्दौली में कल उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के तहत हेल्थ कार्ड का वितरण करेंगे। योजना के तहत शिक्षकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों को सालाना ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।

 
 

राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल का चन्दौली दौरा

कलेक्ट्रेट सभागार में होगा कार्ड वितरण

प्रति परिवार 5 लाख का मुफ्त इलाज

रसोइया और शिक्षामित्र भी योजना में शामिल

आधार बेस्ड ई-केवाईसी से डाउनलोड होगा कार्ड

चन्दौली जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी राहत देने वाली खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रवीन्द्र जायसवाल कल यानी 8 जुलाई 2026 को चन्दौली के दौरे पर आ रहे हैं। अपने इस दौरे के दौरान वे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के तहत पात्र लाभार्थियों को डिजिटल हेल्थ कार्ड का वितरण करेंगे।

इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी पात्र शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मियों को गंभीर बीमारियों के समय बिना किसी आर्थिक चिंता के बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा मुहैया कराना है। मंत्री जी इस दौरान योजना की प्रगति और अब तक के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे।

महंगे इलाज से मिलेगी मुक्ति, रसोइयों को भी मिला हक
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ नियमित शिक्षकों तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा दिल दिखाते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित और अनुदानित विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के शिक्षकों व वार्डन को भी इसमें शामिल किया है। यहाँ तक कि प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत स्कूलों में भोजन बनाने वाले गरीब रसोइयों को भी इस योजना के दायरे में लाकर सरकार ने उन्हें एक बड़ा सामाजिक सुरक्षा कवच दिया है।

इस योजना का लक्ष्य महंगे इलाज के कारण शिक्षक परिवारों पर पड़ने वाले भारी आर्थिक बोझ को हमेशा के लिए समाप्त करना है। योजना के तहत सभी पात्र लाभार्थियों और उनके आश्रितों को सरकारी और आयुष्मान भारत के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में प्रति परिवार हर साल ₹5 लाख तक का बिल्कुल मुफ्त यानी कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा।

आधार बेस्ड ई-केवाईसी है जरूरी, ऐसे मिलेगा कार्ड
इस पूरी डिजिटल व्यवस्था का संचालन 'साचीज' (SACHIS) पोर्टल और 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के हाईटेक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि कार्ड धारक देश भर के किसी भी पैनल से जुड़े अस्पताल में जाकर सीधे अपनी उंगली या आंख स्कैन करवाकर मुफ्त इलाज पा सकेंगे।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कुमार ने योजना की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि लाभ उठाने के लिए सभी पात्र कर्मियों को पहले आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद उनका आधार आधारित ई-केवाईसी (EKYC) प्रोसेस पूरा किया जाएगा। यह वेरिफिकेशन सफल होने के बाद ही कर्मी पोर्टल से अपना 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का अधिकृत हेल्थ कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। बीएसए ने सभी पात्र कर्मियों से इस प्रक्रिया को समय से पूरा करने की अपील की है।

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