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व्यापारियों का हल्लाबोल: नए MDR टैक्स के विरोध में सड़कों पर उतरे व्यापारी, DM को सौंपा ज्ञापन

चंदौली में केंद्र सरकार द्वारा यूपीआई से 2000 रुपये से अधिक लेनदेन पर लगाए जाने वाले नए एमडीआर टैक्स के विरोध में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने इसे शोषण बताते हुए डीएम के जरिए पीएम और वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपा।

 
 

चंदौली में नए एमडीआर टैक्स का कड़ा विरोध


2000 से अधिक यूपीआई लेनदेन पर टैक्स का विरोध


व्यापारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर दिया ज्ञापन


उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल का प्रदर्शन


 डिजिटल लेनदेन पर नए टैक्स को हटाने की मांग

 जिला मुख्यालय चंदौली में व्यापारियों का जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (रजि) के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकांत अग्रहरि के नेतृत्व में जिले के सभी छोटे-बड़े बाजारों के अध्यक्ष और पदाधिकारी एकजुट हुए। सभी व्यापारियों ने मिलकर केंद्र सरकार द्वारा 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए टैक्स के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

व्यापारी यूपीआई (UPI) के जरिए दो हजार रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर लगने वाले नए एमडीआर (MDR) टैक्स का जमकर विरोध कर रहे थे। 'व्यापारी विरोधी टैक्स बंद करो', 'यूपीआई से टैक्स हटाओ', 'नया एमडीआर टैक्स वापस लो' और 'व्यापारियों का शोषण बंद करो' जैसे नारे लगाते हुए सभी व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे।

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ऑनलाइन लेनदेन पर टैक्स से बढ़ेगा नगद कारोबार और अपराध

प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकांत अग्रहरि ने कहा कि 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर टैक्स लगाने से व्यापारियों को सीधा आर्थिक नुकसान होगा। सरकार नया टैक्स लागू करके व्यापारियों का शोषण करना चाहती है।

उन्होंने आगे कहा कि यूपीआई के माध्यम से डिजिटल लेनदेन करने से व्यापारी सुरक्षित तरीके से अपना कारोबार कर पाते थे। नया टैक्स लागू होने के बाद लोग फिर से नगद में लेनदेन करने को मजबूर होंगे, जिससे व्यापारियों की सुरक्षा को खतरा बढ़ेगा और अपराध को बढ़ावा मिलेगा। व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस टैक्स को तुरंत समाप्त करने की मांग की।

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 केंद्र सरकार के फैसले को बताया व्यापारी विरोधी

प्रदर्शन में शामिल बीजेपी नेता और प्रदेश मंत्री चंद्रेश्वर जायसवाल ने कहा कि यूपीआई पर एमडीआर टैक्स लगाने के फैसले का हम कड़ा विरोध करते हैं। केंद्र सरकार को यह नया टैक्स तुरंत वापस लेना चाहिए। वहीं वरिष्ठ जिला महामंत्री राकेश मोदनवाल ने कहा कि पूरे प्रदेश के व्यापारी इस नए टैक्स के सख्त खिलाफ हैं। सुरक्षित लेनदेन पर भी टैक्स लगाना व्यापारियों का शोषण है।

प्रदेश संगठन मंत्री अशोक केशरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस व्यापारी विरोधी कदम का पूरे प्रदेश में कड़ा विरोध किया जाएगा। जिला महामंत्री महमूद आलम ने कहा कि केंद्र सरकार ने 'एक देश, एक टैक्स' का वादा किया था, लेकिन नया टैक्स लगाकर व्यापारियों को छलने का काम किया जा रहा है।

 कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को सौंपा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन
जोरदार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकांत अग्रहरि की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें नए एमडीआर टैक्स को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की गई।

इस विरोध प्रदर्शन में प्रदीप कुमार, सतीश सेठ, अजहर खान, अभिमन्यु प्रजापति, राजकुमार पाल, सतीश गुप्ता, गुलाब केशरी, मनोहर केशरी, सतनाम सिंह, अंकित जायसवाल, विष्णु कुमार, कृष्णा सेठ, भानु यादव, दिनेश रस्तोगी, कुंदन चौहान, दिलीप त्रिशूलिया, विनोद अग्रहरि, संतलाल मौर्य, जयप्रकाश यादव, विमलेश विश्वकर्मा, हनुमान चौरसिया, राजेश जायसवाल, सूरज केशरी, छोटेलाल और गणेश बाबा सहित सैकड़ों की संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

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