Voter List Revision 2026: डीएम चंद्र मोहन गर्ग का सख्त निर्देश, मतदाता सूची में कोई पात्र छूटा तो खैर नहीं
चंदौली में 'विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान-2026' के तहत अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने शुद्ध मतदाता सूची तैयार करने के लिए ईआरओ (ERO) और बीएलओ (BLO) को पारदर्शिता के साथ समयबद्ध कार्य करने का कड़ा निर्देश दिया है।
आईटीआई रेवसा सभागार में संपन्न हुआ प्रशिक्षण
6 मार्च 2026 को प्रकाशित होगी अंतिम सूची
फॉर्म 6, 7 और 8 के सत्यापन पर जोर
ईआरओ और बीएलओ को आपसी समन्वय के निर्देश
शुद्ध निर्वाचक नामावली के लिए अधिकारियों की जवाबदेही
चंदौली जिले में 'विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान-2026' को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सोमवार, 12 जनवरी को चंदौली के आईटीआई रेवसा सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण से जुड़े अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों की बारीकी से जानकारी दी गई।

पात्रता परीक्षण और पारदर्शिता पर जोर
प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने स्पष्ट किया कि निर्वाचक नामावली की शुद्धता लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) यह सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे कि मतदाता सूची में कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल न हो। उन्होंने सभी अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
फॉर्म अपलोडिंग और फील्ड वर्क में तेजी का निर्देश
डीएम ने बीएलओ (BLO) के साथ बेहतर समन्वय बनाने और फॉर्म 6, 7 व 8 की ऑनलाइन अपलोडिंग में तेजी लाने को कहा। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को दस्तावेज सत्यापन, पात्रता परीक्षण और अपील प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया गया। जिलाधिकारी ने कड़े लहजे में कहा कि अभियान के तहत अप्रमाणित प्रविष्टियों पर तत्काल नोटिस जारी किए जाएं और गुणवत्तापूर्ण तरीके से शिकायतों का निस्तारण किया जाए।
6 मार्च 2026 को होगा अंतिम प्रकाशन
अभियान की समयसीमा स्पष्ट करते हुए बताया गया कि पुनरीक्षण के बाद अंतिम निर्वाचक सूची का प्रकाशन 6 मार्च 2026 को किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी ग्रामों में भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद प्रत्येक बीएलओ और ईआरओ को एक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस प्रमाण-पत्र में यह स्पष्ट करना होगा कि संबंधित क्षेत्र का विवरण शत-प्रतिशत एकत्र कर लिया गया है और कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने से वंचित नहीं है।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
आईटीआई रेवसा में आयोजित इस प्रशिक्षण बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार सहित जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी (SDMs), सहायक एवं अतिरिक्त सहायक ईआरओ उपस्थित रहे। बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे फील्ड स्तर पर आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि पुनरीक्षण कार्य की विश्वसनीयता बनी रहे।
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