15 जून की डेडलाइन और बोरों की कमी: क्या चंदौली प्रशासन पूरा कर पाएगा गेहूं खरीद का 4 लाख क्विंटल वाला लक्ष्य?
चंदौली जिले में गेहूं खरीद की प्रक्रिया काफी धीमी गति से चल रही है। एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी लक्ष्य का मात्र 33% हिस्सा ही खरीदा जा सका है। क्रय केंद्रों पर बोरों की कमी और बाजार भाव का असर स्पष्ट दिख रहा है।
जिले में कुल 72 क्रय केंद्रों पर चल रही गेहूं खरीद
अब तक 2526 किसानों से 1.32 लाख क्विंटल की खरीदारी
4 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का रखा गया है कुल लक्ष्य
कई केंद्रों पर बोरों की किल्लत से खरीद की रफ्तार हुई सुस्त
15 जून तक लक्ष्य पूरा करने का प्रशासन का दावा
चंदौली में गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त, एक महीने बाद भी लक्ष्य से कोसों दूर विभाग; बोरों की कमी ने बढ़ाई मुसीबत, मंडी समिति में हो चुकी है चोरी
'धान का कटोरा' कहे जाने वाले चंदौली जनपद में इस वर्ष गेहूं की सरकारी खरीद की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जिले में गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आंकड़ों की हकीकत प्रशासन के दावों को आईना दिखा रही है। अब तक जिले में निर्धारित लक्ष्य का मात्र 33 फीसदी ही गेहूं खरीदा जा सका है, जिससे 15 जून तक शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती नजर आ रहा है।
लक्ष्य बनाम वर्तमान स्थिति
शासन की ओर से चंदौली जनपद के लिए कुल 4 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में स्थापित कुल 72 क्रय केंद्रों के माध्यम से अब तक 2526 किसानों से कुल 1 लाख 32 हजार 729 क्विंटल गेहूं की ही खरीद की जा सकी है। जिले में खरीद की प्रक्रिया 30 मार्च से निरंतर जारी है और आगामी 15 जून तक इसे पूरा करने की समय सीमा तय की गई है।

क्रय केंद्रों पर बोरों की किल्लत और बाजार का असर
खरीद की धीमी गति के पीछे दो मुख्य कारण सामने आ रहे हैं। पहला, कई क्रय केंद्रों पर बोरों की कमी बरकरार है, जिसके कारण आवक होने के बावजूद तौल प्रभावित हो रही है। दूसरा, बाजार में गेहूं का मूल्य सरकारी समर्थन मूल्य के मुकाबले बेहतर मिल रहा है, जिसकी वजह से किसान क्रय केंद्रों के बजाय खुले बाजार में उपज बेचना पसंद कर रहे हैं। विभाग का दावा है कि 15 जून तक हर हाल में लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा, लेकिन धरातल पर स्थितियां इसके विपरीत हैं।
विभिन्न तहसीलों और केंद्रों का हाल
चकिया तहसील की स्थिति
विपणन केंद्र डोडापुर में अब तक लगभग 4 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। केंद्र प्रभारी हिमांशु मिश्रा के अनुसार बोरों की कमी से रफ्तार धीमी हुई है। वहीं मंडी समिति मोहम्मदाबाद में अब तक साढ़े चार हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।
विशुनपुरा की स्थिति
बहुउद्देशीय सहकारी प्राथमिक समिति विशुनपुरा में खरीद जारी है। सचिव महेंद्र कुमार ने बताया कि उपलब्ध बोरों के आधार पर किसानों से उपज ली जा रही है।
शहाबगंज इलाके का हाल
विकासखंड के विभिन्न केंद्रों पर तेजी से काम होने का दावा किया जा रहा है। यहां अब तक 110 किसानों से 6695 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। विपणन शाखा शाहबगंज के केंद्र पर 63 किसानों से 3707 क्विंटल खरीद हुई है, जिसका लगभग 96 लाख 56 हजार रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भेजा जा चुका है।
सैयदराजा में ऐसे हो रही है खरीद
सैयदराजा क्रय केंद्र पर अब तक 3900 क्विंटल की खरीद हुई है, जबकि यहां का लक्ष्य 6500 क्विंटल निर्धारित है। वरिष्ठ विपणन निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि 15 जून तक शेष खरीद पूरी कर ली जाएगी।
इलिया इलाके में खरीद
बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति खरौझा में 9 किसानों से 452 क्विंटल और इलिया केंद्र पर 23 किसानों से 1370 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।
डिप्टी आरएमओ राघवेंद्र सिंह का दावा
डिप्टी आरएमओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत गेहूं खरीद के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सभी तहसीलों की समितियों और केंद्रों पर किसानों को उनकी उपज बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 15 जून की समय सीमा तक प्रशासन अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल कर लेगा।
प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद, किसानों का केंद्रों तक न पहुंचना और लॉजिस्टिक (बोरो) की कमी इस समय विभाग के लिए गले की फांस बनी हुई है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में विभाग किस रणनीति के तहत किसानों को केंद्रों तक खींचने में सफल होता है।
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