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चंदौली में महिला आयोग अध्यक्ष का बड़ा फैसला: कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को मोबाइल पर होमवर्क दिया तो नपेंगे टीचर

उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने चंदौली में प्राथमिक शिक्षा और महिला सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने छोटे बच्चों को मोबाइल होमवर्क देने पर रोक और जिम में महिला ट्रेनर की अनिवार्यता जैसे महत्वपूर्ण आदेश जारी किए।

 
 

छोटे बच्चों को मोबाइल होमवर्क पर प्रतिबंध

जिम में महिला ट्रेनर रखना अनिवार्य

यात्री वाहनों में ड्राइवर का विवरण अनिवार्य

ग्राम पंचायतों में चार-चार सार्वजनिक शौचालय

पारिवारिक उत्पीड़न के मामलों में त्वरित निस्तारण

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने चंदौली जनपद के प्रवास के दौरान विकास भवन में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने न केवल सरकारी योजनाओं की प्रगति जांची, बल्कि शिक्षा और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में दूरगामी प्रभाव वाले कड़े निर्देश भी जारी किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

छोटे बच्चों के डिजिटल बोझ पर प्रहार
बैठक के दौरान डॉ. बबीता सिंह ने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए एक क्रांतिकारी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में मोबाइल पर होमवर्क न दिया जाए। अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि किसी विद्यालय या अध्यापक द्वारा छोटे बच्चों को व्हाट्सएप या मोबाइल के माध्यम से गृहकार्य देने की शिकायत मिली, तो संबंधित के विरुद्ध कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छोटे बच्चों की आंखों और मानसिक स्वास्थ्य पर मोबाइल का बुरा प्रभाव पड़ रहा है, जिसे रोकना अनिवार्य है।

जिम में महिला ट्रेनर और वाहनों में सुरक्षा मानक
महिला सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए डॉ. बबीता सिंह ने जनपद में संचालित सभी जिम सेंटरों के लिए नई गाइडलाइन जारी की। उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद के प्रत्येक जिम में अनिवार्य रूप से एक महिला ट्रेनर की नियुक्ति की जाए। इसके साथ ही, सार्वजनिक परिवहन और स्कूली वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी यात्री वाहनों में ड्राइवर की सीट के पीछे उसका नाम और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित होना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके।

कानून व्यवस्था और मिशन शक्ति की समीक्षा
पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने बैठक में बताया कि जनपद में 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत सभी थानों पर पिंक बूथ और शक्ति केंद्रों की स्थापना की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। अपराधियों के विरुद्ध जिला बदर जैसी सख्त कार्रवाइयां भी की गई हैं। वहीं, अध्यक्ष ने पंचायती राज विभाग को प्रत्येक ग्राम पंचायत में चार-चार सार्वजनिक शौचालय बनवाने के कड़े निर्देश दिए ताकि महिलाओं को असुविधा न हो।

"सहना नहीं, हक के लिए लड़ना है"
समीक्षा बैठक के उपरांत आयोजित जनसुनवाई में कुल 25 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश पारिवारिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से संबंधित थे। डॉ. बबीता सिंह ने पीड़ित महिलाओं से संवाद करते हुए कहा, "महिलाओं को किसी भी प्रकार के शोषण को सहना नहीं है, बल्कि अपने हक के लिए लड़ना है।" उन्होंने अधिकारियों को एक निश्चित समय सीमा (टाइमलाइन) के भीतर इन समस्याओं के निस्तारण की रिपोर्ट देने को कहा।

ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का आह्वान
जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग को निर्देशित करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों और कम पढ़े-लिखे समाज में जागरूकता की भारी कमी है। उन्होंने योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए नुक्कड़ नाटकों और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों के आयोजन पर जोर दिया। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. वाई.के. राय, एसडीएम सदर दिव्या ओझा, और भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह सहित जनपद के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

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