पर्यावरण दिवस पर महाअभियान शुरू: इस साल रोपे जाएंगे 6.40 लाख पौधे, सांसदों ने पौधे लगाकर दिया संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस पर चंदौली कलेक्ट्रेट परिसर में भव्य पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। राज्यसभा सांसदों ने पौधे लगाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया, वहीं डीएफओ ने जिले में इस वर्ष 6.40 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य की घोषणा की।
चंदौली कलेक्ट्रेट में भव्य पौधरोपण कार्यक्रम
राज्यसभा सांसदों ने दिया हरित संदेश
इस वर्ष का लक्ष्य 6.40 लाख पौधे
जनभागीदारी से बनेगा यह जन आंदोलन
पौधों की सुरक्षा की विशेष व्यवस्था
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के पावन अवसर पर गुरुवार को चंदौली कलेक्ट्रेट परिसर में एक भव्य पौधरोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह तथा साधना सिंह ने मुख्य रूप से उपस्थित होकर कलेक्ट्रेट परिसर में विधि-विधान से पौधरोपण किया और समाज को पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश दिया। इस दौरान जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर पौधे लगाए।

पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत: दर्शना सिंह
कार्यक्रम को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना आज के समय की सबसे बड़ी और अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। तेजी से बढ़ते वैश्विक प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए अब प्रत्येक नागरिक को सजग होना पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर व्यक्ति को केवल पौधरोपण करने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि उन पौधों को जीवित रखने और उनके संरक्षण का भी कड़ा संकल्प लेना होगा।
एक पेड़ देता है आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य
सांसद ने अपने संबोधन में आगे कहा कि आज लगाया गया एक पेड़ न केवल वर्तमान पर्यावरण को संतुलित करने का काम करता है, बल्कि यह हमारी आने वाली भावी पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और एक बेहतर जीवन भी प्रदान करता है। उन्होंने कलेक्ट्रेट में उपस्थित समस्त जनों और आम जनता से अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी एक संतान की तरह नियमित रूप से पूरी देखभाल करने की भावुक अपील की।
चंदौली जिले में 6.40 लाख पौधों के रोपण का बड़ा लक्ष्य
इस विशेष अवसर पर चंदौली के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ, आईएफएस) बी. शिवशंकर ने जनपद में वन विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे आगामी वृक्षारोपण अभियान की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष चंदौली जनपद में कुल 6 लाख 40 हजार पौधों के रोपण का एक बड़ा और ऐतिहासिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जिले के विभिन्न सरकारी विभागों के आपसी समन्वय से समय पर पूरा किया जाएगा।
कागजों पर नहीं, धरातल पर होगी पौधों की सुरक्षा
डीएफओ बी. शिवशंकर ने विभाग की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि केवल पौधों का रोपण कर देना ही हमारे लिए पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके शत-प्रतिशत संरक्षण और संवर्धन की समुचित वैज्ञानिक व्यवस्था भी वन विभाग द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि रोपे गए पौधे भविष्य में सुरक्षित रहकर बड़े वृक्षों के रूप में विकसित हो सकें। इसके लिए पौधों की नियमित निगरानी, सुरक्षा और उचित देखभाल के लिए विशेष टीमों की व्यवस्था की जा रही है।
जनभागीदारी से आंदोलन बनेगा पर्यावरण संरक्षण
वन विभाग के अधिकारियों ने आगे बताया कि इस वृहद अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्थानीय विद्यालयों और ग्राम पंचायतों को भी सीधे इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है। व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को एक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से प्रकृति संरक्षण की शपथ ली, जिसने 'हरित चंदौली' के संकल्प को एक नई और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की है।
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