जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime
टोकन लेकर चंदौली में धान बेचने के लिए परेशान होता रहा भाजपा कार्यकर्ता, नहीं की किसी ने कोई मदद
भ्रष्टाचार और मनमाने तौर तरीके से खरीद पर लगाम लगाने में भारतीय जनता पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, विधायक, सांसद ही नहीं अफसर भी फेल साबित हो रहे हैं
 
वसूली की शिकायत पर DM-SDM, भाजपा जिलाध्यक्ष हो जाते हैं खामोश, कमीशन और हिस्सा देने की खुलेआम बात करते हैं केन्द्र चलाने वाले 
 

पूरे प्रदेश में धान खरीद केंद्रों पर हो रहे भ्रष्टाचार और मनमाने तौर तरीके से खरीद पर लगाम लगाने में भारतीय जनता पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, विधायक, सांसद ही नहीं अफसर भी फेल साबित हो रहे हैं और गड़बड़ी करने वाले सबको कमीशन देने की खुलेआम धमकी दे रहे हैं। न भरोसा हो तो भाजपा के एक कार्यकर्ता का दुखदर्द आप खुद देख व समझ लीजिए।

चंदौली जिले के बिचौलियों व व्यापारियों की खरीद को बढ़ावा देने वाले लोगों व मनमाने केन्द्र प्रभारियों व संचालकों के आगे चंदौली जिले के आला अफसर व बड़े बड़े पदाधिकारी भी असहाय नजर आ रहे हैं और किसानों की मदद करने में भी फेल होते जा रहे हैं।

 आपको बता दें कि कुछ ऐसा ही नजारा चंदौली जिले के मझवार में स्थित पीसीएफ के क्रय केंद्र पर देखने को मिला है, जहां पर धान बेचने गए भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता को अपना धान सिर्फ इसलिए वापस लेकर आना पड़ा, क्योंकि उसने धान खरीद केंद्र के प्रभारी और उसके मालिक के मनमाने तरीके से की जाने वाली खरीद और अतिरिक्त धान देने से मना कर दिया है।

क्रय केन्द्र संचालक ने कहा कि 60 कुंटल खरीद पर 7 बोरा अतिरिक्त धान देना होगा, जब उसने इसका विरोध किया तो उसने चेतावनी व धमकी देते हुए कहा कि आप किससे शिकायत करेंगे..यह जो भी मैं ले रहा हूं.. इसमें सबका हिस्सा है... चाहे जिला अधिकारी हो या एसडीएम हो या आरएमओ..चाहे बीजेपी के बड़े नेता.. सबको सबका हिस्सा जाता है। कोई मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। 

 हालांकि भारतीय जनता पार्टी के इस कार्यकर्ता ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी से भी की और दोनों अधिकारियों ने उसकी बात को भी सुना, लेकिन उसके बाद कोई भी कार्रवाई नहीं की, जिससे आप समझ सकते हैं कि किस तरह अफसर मनमाने हैं और वसूली उपर से नीचे तक जारी है। 

 जब अधिकारियों ने उसकी मदद नहीं कि तो उसने भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता होने के कारण निराश होकर अपने जिला अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह से भी बात करके केंद्र प्रभारी की मनमानी की जानकारी दी, लेकिन उन्होंने भी अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए उसकी किसी भी तरह से मदद नहीं की।

 इस प्रकार देखा जाए तो भारतीय जनता पार्टी का यह कार्यकर्ता सबेरे 9 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक अपना धान बेचने के लिए परेशान होता रहा, लेकिन उसका धान नहीं बिका। अंततोगत्वा वह लौटकर अपने घर वापस आ गया।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*