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विवेचना में ढीले थे इंस्पेक्टर विमलेश मौर्य, जानबूझकर लटकाया करते थे मामले, ASP की जांच के बाद सस्पेंड

चंदौली के एसपी आकाश पटेल ने क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर विमलेश मौर्य को निलंबित कर दिया है। इंस्पेक्टर पर आरोप है कि उन्होंने एक मुकदमे की विवेचना को जानबूझकर लंबित रखा और अभियुक्त पक्ष से अनुचित लाभ लेने की कोशिश की।

 
 

क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर विमलेश निलंबित

विवेचना में अनुचित लाभ का आरोप

एसपी आकाश पटेल की सख्त कार्रवाई

एएसपी की रिपोर्ट पर हुआ एक्शन

पुलिस महकमे में मचा जबरदस्त हड़कंप

 चंदौली जिले में पुलिस महकमे के भीतर अनुशासन और ईमानदारी को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है।  जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आकाश पटेल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए क्राइम ब्रांच की विवेचना सेल में तैनात इंस्पेक्टर विमलेश मौर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस निलंबन की खबर फैलते ही पुलिस विभाग के अन्य कर्मियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

विवेचना में देरी और 'अनुचित लाभ' की मंशा
 प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर विमलेश मौर्य पर एक मुकदमे की विवेचना को जानबूझकर लटकाए रखने का गंभीर आरोप लगा है। जांच में पाया गया कि वे विवेचना को आगे बढ़ाने के बजाय अभियुक्त पक्ष से अनुचित लाभ (रिश्वत या अन्य फायदे) प्राप्त करने के लिए तरह-तरह के प्रारूपण और हथकंडे अपना रहे थे।  पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने विस्तृत जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी थी। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सच पाए जाने के बाद एसपी ने बिना किसी देरी के इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की।

लापरवाही पर एसपी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
 चंदौली पुलिस में पिछले कुछ दिनों से कार्यशैली को लेकर जबरदस्त सख्ती बरती जा रही है। एसपी आकाश पटेल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता की शिकायतों की अनदेखी, विवेचना में ढिलाई या भ्रष्ट आचरण किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगा।  इससे पहले, कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक संजय कुमार को भी मोबाइल झपटमारी की शिकायत पर एफआईआर न दर्ज करने और पीड़ित पर दबाव बनाने के आरोप में सस्पेंड किया गया था।

अनुशासन बनाए रखने का संकल्प 
लगातार हो रही इन अनुशासनात्मक कार्रवाइयों से यह साफ है कि जिले में पारदर्शी पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए उच्चाधिकारी सक्रिय हैं।
 निलंबित इंस्पेक्टर विमलेश मौर्य के खिलाफ अब विभागीय जांच को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।  एसपी ने दोहराया है कि पुलिस का दायित्व जनता की सेवा करना है, न कि अपने पद का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत लाभ कमाना।  इस कार्रवाई को पुलिस की छवि सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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