4 साल से काम और मानदेय नहीं मिलने से परेशान, चंदौली कलेक्ट्रेट पर स्वच्छता ग्राही कर्मचारियों का प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट पर स्वच्छता ग्राहियों का प्रदर्शन
चार साल से काम और मानदेय नहीं मिला
2016-17 में प्रशिक्षण लेकर हुई थी नियुक्ति
जल्द समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
चंदौली जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत नियुक्त स्वच्छता ग्राही कर्मचारी पिछले चार वर्षों से काम और मानदेय न मिलने से परेशान हैं। गुरुवार को स्वच्छता ग्राही कर्मचारी महासंघ के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए मांगपत्र सौंपा।
प्रशिक्षण के बाद ग्राम पंचायतों में हुई थी नियुक्ति
महासंघ के जिलाध्यक्ष जय कृष्ण कुमार ने बताया कि वर्ष 2016-17 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत उन्हें प्रशिक्षण देकर ग्राम पंचायतों में नियुक्त किया गया था। इनका मुख्य कार्य ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और खुले में शौच रोकने के लिए प्रेरित करना था।
ओडीएफ बनाने में दिया था अहम योगदान
स्वच्छता ग्राही कर्मचारियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को शौचालय बनाने और उसके प्रयोग के लिए प्रेरित किया। उनके प्रयासों से जनपद ही नहीं बल्कि प्रदेश को भी ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) बनाने में सफलता मिली। इसे मिशन के फेस-1 के रूप में जाना गया।
फेस-2 और कोरोना काल में निभाई जिम्मेदारी
जय कृष्ण के अनुसार फेस-2 के दौरान भी स्वच्छता ग्राहियों ने गांवों का सर्वे कार्य किया। इसके साथ ही कोरोना महामारी के समय भी इन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और लोगों को जागरूक किया।
अब उपेक्षा का शिकार कर्मचारी
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान में ब्लॉक और जिला स्तर पर उनकी उपेक्षा की जा रही है। आठ वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें न तो कोई काम दिया जा रहा है और न ही मानदेय। इससे उनके परिवार आर्थिक संकट में हैं।
सचिवालय और निदेशालय से काम की मांग
स्वच्छता ग्राही कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि सचिवालय और निदेशालय उनसे दोबारा काम लें, ताकि वे फिर से अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्राही शामिल
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष जय कृष्ण के साथ कमलेश, धर्मेंद्र, पवन सहित कई स्वच्छता ग्राही कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








