दैवीय आपदा प्रबंधन समिति की समीक्षा बैठक: सर्पदंश से मौत पर पोस्टमार्टम अनिवार्य, लापरवाही पर सभापति सख्त
वाराणसी सर्किट हाउस में डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन की उच्च स्तरीय समीक्षा हुई। बैठक में सर्पदंश पीड़ितों को त्वरित सहायता, संचारी रोगों पर अंकुश और सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए।
दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति की बैठक
सर्पदंश मामलों में पोस्टमार्टम हुआ अनिवार्य
स्कूलों में बच्चों को मिलेगी आपदा शिक्षा
संचारी रोग अभियान के लिए समेकित निर्देश
सामुदायिक शौचालयों के वेतन और रखरखाव पर जोर
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में संपन्न हुई। समिति के सभापति डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में चंदौली जिले के आपदा प्रबंधन, राहत कार्यों और भविष्य की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आपदा प्रभावित परिवारों को बिना किसी बाधा के सरकारी सहायता पहुँचाना और जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।
सर्पदंश और अन्य आपदाओं में सहायता के कड़े निर्देश
बैठक की शुरुआत में चंदौली के अपर जिलाधिकारी (वि०रा०) राजेश कुमार ने जिले में बाढ़, अग्निकांड, शीतलहर, सर्पदंश और वज्रपात जैसी आपदाओं से हुई जनहानि एवं वितरित की गई राहत राशि का विवरण प्रस्तुत किया। सभापति डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि दैवीय आपदा, विशेषकर सर्पदंश से होने वाली मौतों के मामलों में पोस्टमार्टम अनिवार्य रूप से कराया जाए। उन्होंने कहा कि अक्सर साक्ष्य के अभाव में परिजनों को सहायता राशि प्राप्त करने में कठिनाई होती है, जिसे हर हाल में दूर किया जाए। इसके साथ ही पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2023-26) के लाभ प्राप्तकर्ताओं की बिंदुवार समीक्षा करने को कहा गया।
शिक्षा और संचारी रोग नियंत्रण पर समेकित रणनीति
समिति ने संचारी रोग अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करने के निर्देश दिए। सभापति ने फाइलेरिया, डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों के पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों की रिपोर्ट तलब की है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि प्राथमिक विद्यालयों में प्रार्थना सभा के समय 'आपदा मित्रों' के माध्यम से बच्चों को आपदा से बचाव के गुर सिखाए जाएं। साथ ही, एनडीआरएफ और अग्निशमन दल की तैयारियों को और अधिक पुख्ता करने पर जोर दिया गया।
सामुदायिक शौचालयों और स्वच्छता पर सख्ती
बैठक के दौरान ग्रामीण विकास और स्वच्छता के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जिला पंचायतीराज अधिकारी को निर्देशित करते हुए सभापति ने कहा कि किसी भी सामुदायिक शौचालय पर ताला नहीं लटकना चाहिए। उन्होंने केयरटेकर को समय पर वेतन देने और सफाई कर्मचारियों द्वारा नियमित सफाई सुनिश्चित करने की बात कही। मुख्य चिकित्साधिकारी को सीएचसी और पीएचसी का आकस्मिक निरीक्षण करने तथा जिला पूर्ति अधिकारी को खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने दिया शत-प्रतिशत अनुपालन का भरोसा
बैठक के समापन पर चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने समिति को आश्वस्त किया कि दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और प्रगति रिपोर्ट से समिति को अवगत कराया जाएगा। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने सभापति डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल और सदस्य हंसराज विश्वकर्मा का पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. वाई के राय, अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर, एक्सियन पीडब्ल्यूडी राजेश कुमार, आपदा विशेषज्ञ प्रीति शिखा श्रीवास्तव सहित चंदौली जिले के सभी वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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