जनपद चंदौली के निःसंतान दंपतियों के घर में भी गूंजेगी बच्चों की किलकारी, जानिए कैसे आपको मिलेगा संतान सुख

इंदिरा आईवीएफ की फ्रेंचाइजी के माध्यम से मिलेगी सुविधा
जिला मुख्यालय के सैम हॉस्पिटल में मिलेगी सुविधा
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आजमी जेहरा ने दी जानकारी
चंदौली के आकांक्षी जनपद में इंदिरा आईवीएफ की फ्रेंचाइजी के माध्यम से जिला मुख्यालय के सैम हॉस्पिटल में अब निःसंतान दंपतियों के घर में भी बच्चों की किलकारी गूंजेगी। इस व्यवस्था का लाभ चंदौली जनपद के साथ-साथ बिहार के पश्चिमी क्षेत्र के कई जनपदों को भी मिलेगा। पिछड़े जनपद के लोगों की आर्थिक व्यवस्था को देखते हुए इंदिरा आईवीएफ की फ्रेंचाइजी के माध्यम से नई तकनीक के द्वारा लोगों को बेबी ट्यूब की सुविधा मिलने जा रही है।

आपको बता दें कि चंदौली जनपद के जिला मुख्यालय स्थित सैम हॉस्पिटल में इंदिरा आईवीएफ की फ्रेंचाइजी के माध्यम से अब 10 से 15 वर्षों तक जिन दंपतियों को संतान का सुख नहीं मिल पाया है उनके लिए बेबी ट्यूब के माध्यम से उनके घर में बच्चों की किलकारी गूंजेगी।अत्याधुनिक सुविधाओं से इंदिरा आईवीएफ से सभी माताओं के कोख को भरने का कार्य करने के लिए यह बीड़ा उठाया हुआ है। अभी तक वाराणसी में इंदिरा आईवीएफ के माध्यम से बेबी ट्यूब से बच्चों के प्रजनन का कार्य होता रहा है लेकिन पिछड़े जनपद चंदौली में भी इंदिरा आईवीएफ के सौजन्य से सैम हॉस्पिटल में यहां के गरीब तबके के लोगों के लिए भी सस्ते दाम पर निःसंतान दंपतियों के घरों में बच्चों की किलकारी गूंजेगी।

इस संबंध में इंदिरा आईवीएफ के पूर्वांचल प्रभारी डॉक्टर आर बी सिंह ने बताया कि जिन औरतों को गर्भधारण करने में दिक्कत होती है उनकी जांच व दवा के साथ पति का स्पर्म और पत्नी की बच्चेदानी डेवलप कर पत्नी के गर्भाशय में भ्रूण को आधुनिक प्रक्रिया से प्रत्यारोपित कर सामान्य लोगों की भांति बच्चों को पैदा करवाने की तकनीक है। यही नहीं जो लोग नसबंदी करवा लेते हैं अगर विशेष परिस्थितियों में उनको भी बच्चे की जरूरत हुई तो उनको भी इस तकनीक के माध्यम से अपना बच्चा मिल सकता है।इंदिरा आईवीएफ की नई तकनीक भरोसेमंद एवं प्रभावशाली है इसका उद्देश्य है कि सभी निःसंतान दंपतियों के घरों में भी बच्चों की किलकारी गूंजे ।
इसी के तहत चंदौली के जिला मुख्यालय स्थित सैम अस्पताल में भी फ्रेंचाइजी के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वही स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आजमी जेहरा ने बताया कि इंदिरा आईवीएफ के तकनीक के माध्यम से जिन भी महिलाओं के गर्भाशय एवं नल्ला में दिक्कत है उसे ठीक कर पति के स्पर्म को लेकर उसे ट्यूब में विकसित करके पत्नी के गर्भाशय में प्रत्यारोपित कर सामान्य तरीके से संतान उत्पत्ति करने की विधि है, जो अप्रैल महीने से चंदौली में चालू हो रही है।
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