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विंध्य एक्सप्रेसवे के खिलाफ उग्र हुए चंदौली के किसान, तेजोपुर से नेवादा तक निकाली विरोध पदयात्रा

चंदौली में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों ने पदयात्रा निकाली। 53 गांवों के प्रभावित होने की आशंका जताते हुए किसानों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।

 
 

विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में पदयात्रा

चंदौली के 53 गांव होंगे प्रभावित

किसानों का प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप

ड्रोन सर्वे और इंलार्जमेंट में गड़बड़ी का दावा

समाधान न होने तक आंदोलन की चेतावनी

चंदौली जिले में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों ने एक बार फिर आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों और उनके परिवार के सदस्यों ने पदयात्रा निकालकर प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजना का विरोध किया। पदयात्रा तेजोपुर से शुरू होकर प्रीतमपुर और खरखोली होते हुए नेवादा पहुंचकर समाप्त हुई।

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प्रशासन पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप
किसानों ने कहा कि प्रशासन द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए आश्वासन के बावजूद अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने किसानों की समस्याओं पर एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का भरोसा दिया था, लेकिन करीब एक माह बीत जाने के बाद भी किसानों को कोई सूचना नहीं दी गई।

समाधान होने तक जारी रहेगा आंदोलन
उन्होंने कहा कि प्रशासन की चुप्पी से किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है। शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के अलावा किसानों के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है और समस्या का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मोर्चा के अनुसार प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे से जिले के करीब 53 गांव प्रभावित हो रहे हैं।

35 किमी के दायरे में प्रभावित हो रहे 53 गांव
लगभग 35 किलोमीटर के दायरे में 120 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों की जमीन प्रभावित होने और भूमिहीन होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने ड्रोन से कराए गए सर्वे और इंलार्जमेंट में भी त्रुटियों का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि इस मामले को लेकर यूपीईडा के साथ वार्ता हो चुकी है।

बोर्ड गठन न होने पर उठाए सवाल
वार्ता में विकल्पों पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता स्वीकार की गई थी। किसानों ने सवाल उठाया कि जब नए सिरे से इंलार्जमेंट तैयार करने के लिए बोर्ड गठित करने की जरूरत बताई गई है तो अब तक बोर्ड का गठन क्यों नहीं किया गया। संघर्ष मोर्चा ने दो टूक कहा कि किसान अपनी जमीन नहीं देंगे और भूमि अधिग्रहण का विरोध जारी रखेंगे।

सैकड़ों किसानों की रही मौजूदगी
किसानों ने सरकार से परियोजना पर दोबारा विचार करने की मांग की। पदयात्रा में रामनारायण यादव, संतोष यादव, आलोक सिंह, विद्या विनय शंकर कुशवाहा, चंद्रिका, जोखन, वीरेंद्र मास्टर, गुरदयाल यादव, बाबूलाल यादव, शमशेर चौहान समेत कई गांवों के संगठन अध्यक्ष और सैकड़ों किसान शामिल रहे। पदयात्रा का संचालन अशोक सिंह ने किया, जबकि अध्यक्षता भाजपा मंडल उपाध्यक्ष आनंद पांडेय ने की। मोर्चा ने बताया कि मंगलवार को भी आगे पदयात्रा जारी रहेगी।

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