मछली पालक को 50 लाख का नुकसान, पोखरे में जहरीली दवा डालने से हजारों मछलियां मरीं
चंदौली में मछली पालक मोहित कुमार सिंह के पोखरे में जहरीली दवा डालने से हजारों मछलियां मर गईं। पीड़ित ने 50 लाख के नुकसान का आरोप लगाते हुए FIR की मांग की।
पोखरे में जहरीली दवा से मछलियां मरीं
मछली पालक को 50 लाख का नुकसान
पेड़-पौधे उखाड़कर फेंकने का आरोप
दूसरी बार हुई ऐसी घटना
थानाध्यक्ष से FIR की मांग
चंदौली जिले में मछली पालन के व्यवसाय को नुकसान पहुंचाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। मछली पालक मोहित कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके पोखरे में दोबारा जहरीली दवा डाल दी गई, जिससे बड़ी संख्या में मछलियां मर गईं। साथ ही पोखरे के किनारे लगे पेड़-पौधों को भी उखाड़कर फेंक दिया गया। पीड़ित ने इस घटना में करीब 50 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है।
उन्होंने थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर FIR दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

एक साल से कर रहे हैं मछली पालन
प्रार्थना पत्र के अनुसार, मोहित कुमार सिंह पुत्र काली चरण सिंह, निवासी पुरवा, तालुका चकिया, पोस्ट जगदीश सराय, थाना चंदौली पिछले करीब एक साल से पोखरे में मछली पालन का व्यवसाय कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई इस कारोबार में लगाई है और मछलियों के पालन-पोषण में लगातार पैसा खर्च किया है।
आरोप है कि पहले भी उनके पोखरे में इसी तरह की घटना हुई थी और अब दोबारा उनकी अनुपस्थिति में पोखरे में जहरीली दवा डाल दी गई, जिससे पाली जा रही हजारों मछलियां मर गईं।

पेड़-पौधे भी उखाड़े, 50 लाख का दावा
मोहित कुमार सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि पोखरे के किनारे लगाए गए पेड़-पौधों को भी उखाड़कर फेंक दिया गया है। इससे मछली पालन के साथ-साथ उन्हें और भी नुकसान हुआ है। पीड़ित के मुताबिक मछलियों की मौत और पेड़-पौधों के नुकसान को मिलाकर करीब 50 लाख रुपये की क्षति हुई है। हालांकि नुकसान की असली रकम और घटना की वजह जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
पीड़ित का कहना है कि मछली पालन उनका मुख्य व्यवसाय है, जिसमें उन्होंने अपना समय, मेहनत और पूरी पूंजी लगाई है। ऐसी घटना दोबारा होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
साजिश का आरोप, जांच की मांग
मोहित ने आशंका जताई है कि उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाने के इरादे से ही इस घटना को अंजाम दिया गया है। हालांकि इस घटना में कौन लोग शामिल हैं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लिया जाए। पोखरे का निरीक्षण कराया जाए, पानी और मरी हुई मछलियों के नमूने लेकर लैब में जांच कराई जाए और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने के मामले की भी जांच की जाए। उन्होंने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना होगा कि पीड़ित की शिकायत पर पुलिस क्या कदम उठाती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
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