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चंदौली में बाढ़ बचाव के नाम पर बड़ा खेल: गढ़ई नदी की खुदाई में घोटाले का आरोप, रात के अंधेरे में बेची जा रही मिट्टी

चंदौली में बाढ़ से बचाव के लिए हो रही गढ़ई नदी की खुदाई विवादों में आ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में मिट्टी बेचकर खेल हो रहा है। जिलाधिकारी के सामने ग्रामीणों के हंगामे के बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें...
 

बाढ़ बचाव कार्य में धांधली का आरोप

देर रात जेसीबी से अवैध खुदाई जारी

सरकारी मिट्टी बाजार में बेचने का दावा

जिलाधिकारी के सामने ग्रामीणों का भारी विरोध

बंधी विभाग की चुप्पी से बढ़ा संदेह

चंदौली जिले में बाढ़ आपदा से बचाव के लिए सरकारी स्तर पर कराए जा रहे कार्यों पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सदर ब्लॉक के पड़या गांव स्थित गढ़ई नदी में इन दिनों खुदाई का काम चल रहा है। इस कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने बंधी विभाग और ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार के बड़े आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की विभीषिका से गांव को बचाने के नाम पर नदी की खुदाई तो की जा रही है, लेकिन इसमें निर्धारित सरकारी मानकों का पालन बिल्कुल नहीं हो रहा है।

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खुदाई में शिकायत पर पहुंचे पूर्व सांसद रामकिशुन यादव

रात के अंधेरे में जेसीबी से खेल, बाजार में बेची जा रही है मिट्टी
पड़या गांव के निवासियों का सीधा आरोप है कि इस पूरी परियोजना में पारदर्शिता का नामोनिशान नहीं है। दिन के बजाय देर रात को जेसीबी मशीनों से नदी की अंधाधुंध खुदाई कराई जा रही है। नियमों को ताक पर रखकर इस खुदाई से निकलने वाली सरकारी मिट्टी को चुपके से बाजार में ऊंची कीमतों पर बेचकर अवैध आर्थिक लाभ कमाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नदी की खुदाई अगर बाढ़ नियंत्रण के उद्देश्य से हो रही है, तो उसकी उचित निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित क्यों नहीं की जा रही है?

मॉक ड्रिल में पहुंचे डीएम का ग्रामीणों ने किया घेराव
यह मामला उस समय और ज्यादा गरमा गया जब चंदौली के जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग बाढ़ आपदा से संबंधित एक मॉक ड्रिल कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। डीएम को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कार्यक्रम के दौरान ही खुलकर मोर्चा खोल दिया और जिलाधिकारी के सामने पूरी धांधली की शिकायत दर्ज कराई। जब मौके पर मौजूद अधिकारियों से इस संबंध में सवाल पूछे गए, तो उनके पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था, जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई।


प्रशासनिक जांच पर टिकी निगाहें, बंधी विभाग ने साधी चुप्पी
मामले की गंभीरता और ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने तुरंत निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। डीएम ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायतें संज्ञान में आई हैं, और संबंधित विभाग से इसकी गहन जांच कराई जाएगी। यदि कोई भी अनियमितता मिलती है, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। दूसरी ओर, खुदाई की जिम्मेदारी संभाल रहे बंधी विभाग ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सच सामने आता है।


 

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