सैयदराजा विधानसभा में 8 महीने से अधूरी पड़ी है ईमिलिया-घोसवां की पुलिया, आधा काम छोड़कर भागे ठेकेदार
सैयदराजा विधानसभा के ईमिलिया गांव में 8 महीने से नहर की पुलिया अधूरी पड़ी है। भीषण गर्मी में बिना तराई के ढलाई करने और एप्रोच मार्ग के विवाद से किसानों और ग्रामीणों में भारी गुस्सा है।
आठ महीने से अधूरी पड़ी पुलिया
बिना तराई के हुई ढलाई
नहर में पानी आने से चिंता
ठेकेदार और अफसरों पर गंभीर आरोप
फेसबुक पर फूटा जनता का गुस्सा
चंदौली जिले के सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ईमिलिया और घोसवां गांव से विकास कार्यों की पोल खोलती एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ नहर पर बन रही एक पुलिया पिछले करीब आठ महीनों से अधर में लटकी हुई है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की सुस्ती की वजह से निर्माण कार्य को आधा-अधूरा बनाकर भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
@dmchandauli @cdochandauliup @SushilSingh_BJP @MExmla
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) June 27, 2026
चंदौली जिले में आठ महीनों से अधूरी है पुलिया
ईमिलिया और घोसवां गांव के लोग बेहद परेशान
नहर में पानी आने से बढ़ा संकट
सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा pic.twitter.com/D4XplmwUxp
नहर में पानी आने से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता
अब खेतों की सिंचाई के लिए नहर में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि शायद ठेकेदार और इलाके के जनप्रतिनिधियों को पहले से पता था कि पानी नहीं आएगा, इसलिए वे बेफिक्र बैठे रहे। अब पानी आने के बाद इस अर्ध-निर्मित पुलिया के डूबने और काम पूरी तरह ठप होने का डर किसानों को सता रहा है। पुलिया की हाइट भी काफी ऊंची और तिरछी बनाई गई है।

कमीशनखोरी और मनमानी के गंभीर आरोप
इस मामले पर पूर्व प्रधान अनुज सिंह का साफ कहना है कि सिंचाई विभाग की शह पर ठेकेदार मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। ज्यादातर ठेकेदार सत्तापक्ष के करीबी या रिश्तेदार हैं, जिन पर अफसर दबाव भी नहीं बना पाते हैं। विभाग ठेकेदारों से मोटा कमीशन लेकर पूरा पैसा रिलीज कर देता है और काम जमीन पर पूरा हुआ कि नहीं, यह देखने की अफसरों को फुर्सत नहीं है। एप्रोच के रास्ते को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
भीषण गर्मी में नहीं हुई तराई
ग्रामीणों ने पुलिया के निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि इस चिलचिलाती और भीषण गर्मी के बावजूद ठेकेदार ने पुलिया की ढलाई होने के बाद एक दिन भी पानी से उसकी तराई नहीं की। ऐसे में पुलिया के मजबूत होने और उसके टिकाऊपन पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। इसके अलावा नहर की साफ-सफाई भी सही ढंग से नहीं कराई गई है जिससे पुलिया बनने के बाद भी लोगों को इस पार से उस पार जाने में भारी परेशानी होगी।
फेसबुक पर फूटा जनता का गुस्सा
इस पूरी लापरवाही और सरकारी तंत्र की सुस्ती को लेकर स्थानीय निवासी शेरा सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग जमकर कमेंट्स कर रहे हैं और कह रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों को आम जनता और किसानों का दर्द नहीं दिखता, क्योंकि वे खुद खेती-किसानी नहीं करते हैं। अब देखना है कि डीएम और सीडीओ साहब इस पर क्या एक्शन लेते हैं।
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