चंदौली समाचार की खबर का एक और असर : गड़ई नदी की मिट्टी बेचने का वीडियो और पर्ची देखकर DM ने दिए जांच के आदेश
चंदौली के पड़या गांव में गड़ई नदी की मिट्टी अवैध रूप से बेचने का वीडियो और पर्ची सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। 'चंदौली समाचार' पर खबर चलने के बाद डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
गड़ई नदी की मिट्टी बेचने का मामला
सोशल मीडिया पर वीडियो और पर्ची वायरल
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने दिए निर्देश
'चंदौली समाचार' की खबर का बड़ा असर
अवैध काम करने वालों पर होगी कार्रवाई
चंदौली जिले के पड़या गाँव में गड़ई नदी से मिट्टी निकालकर अवैध रूप से बेचने का एक कथित मामला सामने आया है। इस घटना ने अब प्रशासनिक हलकों में भारी हलचल पैदा कर दी है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रैक्टरों के जरिए गड़ई नदी की मिट्टी ले जाई जा रही है। इसके साथ ही एक पर्ची भी वायरल हुई है, जिसमें ठेकेदार सतीश कुमार सिंह का नाम सामने आया है।
'चंदौली समाचार' की खबर का बड़ा असर
इस पूरे मामले को स्थानीय मीडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म “चंदौली समाचार” ने प्रमुखता से जनता और प्रशासन के सामने उठाया। खबर चलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।

अवैध काम करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी के निर्देश पर बंदी प्रखंड वाराणसी के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद आजाद ने बताया कि वायरल वीडियो और पर्ची दोनों ही प्रशासन के संध्यान में हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुछ शरारती तत्व गड़ई नदी की सफाई से निकली मिट्टी को अवैध रूप से ट्रैक्टरों पर लादकर ले जा रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच करने के लिए एक विशेष टीम बनाई जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति या ट्रैक्टर मालिक दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि बिना मंजूरी के नदी की मिट्टी उठाना और उसका परिवहन करना पूरी तरह गैरकानूनी है।
जमीनी स्तर पर कार्रवाई का इंतजार
गड़ई नदी से इस तरह सरेआम मिट्टी की ढुलाई देखकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि नदी की सफाई के नाम पर अगर इस तरह मिट्टी का अवैध कारोबार होगा, तो यह सरकारी नियमों और पर्यावरण के मानकों का खुला उल्लंघन है।
अब इलाके में सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि प्रशासन की यह कार्रवाई सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह जाएगी या जमीन पर भी इसका असर दिखेगा। हालांकि, इस बार खुद डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने मामले को हाथ में लिया है, जिससे लोगों के बीच एक निष्पक्ष जांच की उम्मीद जरूर जगी है। फिलहाल, पूरे जिले की नजरें अब इस प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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