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लवकुश यादव हत्याकांड में बड़ी साजिश की आशंका; परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर जताया असंतोष, ऑनलाइन मंगवाया गया था चाकू

चंदौली के आदर्श इंटर कॉलेज में हुए छात्र लवकुश यादव हत्याकांड में परिजनों ने बड़ी साजिश की आशंका जताई है। उनका दावा है कि हत्या में इस्तेमाल चाकू ऑनलाइन मंगाया गया था। भाई दीपक ने एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 
 

लवकुश यादव हत्याकांड मामले में बड़ी साजिश की आशंका

पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर परिजनों का असंतोष

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए मंगाया गया था मर्डर वेपन

कॉलेज बंद होने के बाद भी कोचिंग चलने पर उठे सवाल

मृतक के भाई दीपक यादव ने एसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र

 चंदौली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रतापुपर स्थित आदर्श इंटर कॉलेज में हुए 16 वर्षीय छात्र लवकुश यादव हत्याकांड का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस सनसनीखेज मामले में मृतक छात्र के परिजनों ने पुलिस द्वारा अब तक की गई कानूनी कार्रवाई पर गहरा असंतोष जाहिर किया है। परिजनों को इस पूरे हत्याकांड के पीछे किसी बड़ी और सोची-समझी साजिश की आशंका है।

सिर्फ एक आरोपी की भूमिका मानने से इंकार
मृतक लवकुश के परिजनों का कहना है कि वारदात को अंजाम देने वाले जिस नाबालिग छात्र को पुलिस ने घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार किया था, केवल उसी को इकलौता आरोपी मान लेना सही नहीं है। उन्हें पूरा शक है कि इस खौफनाक वारदात में कुछ अन्य लोग भी परदे के पीछे से शामिल थे। परिजनों ने मांग की है कि इस मामले में अन्य संदिग्धों की संलिप्तता की भी पूरी तरह से निष्पक्ष जांच होनी बेहद जरूरी है।

दूसरे के मोबाइल से ऑनलाइन मंगाया गया था चाकू
इस मामले में परिजनों ने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि लवकुश की हत्या में जिस चाकू (मर्डर वेपन) का इस्तेमाल किया गया था, उसे एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ऑर्डर करके मंगाया गया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह चाकू किसी दूसरे व्यक्ति के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके डिलीवर कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, इस बात से साफ होता है कि घटना की पूरी प्लानिंग पहले से की गई थी, जिसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

बंद होने के बाद भी क्यों चल रहा था कॉलेज?
इसके साथ ही पीड़ित पक्ष ने आदर्श इंटर कॉलेज प्रबंधन की भूमिका पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका सीधा सवाल है कि जब आधिकारिक रूप से कॉलेज बंद था, तो उसके बावजूद वहां किसके आदेश पर कोचिंग क्लासेस संचालित की जा रही थीं? घटना के समय वहां सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी किसकी तय की गई थी? इस बात की भी गहनता से जांच की जानी चाहिए।

भाई दीपक ने एसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र
मामले को लेकर मृतक के भाई दीपक यादव ने जिला पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की है और उन्हें एक लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा है। दीपक ने पुलिस कप्तान से इस पूरे मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच कराने और इस कथित साजिश में शामिल पर्दे के पीछे के अन्य गुनहगारों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। परिजनों की इस सक्रियता और मांगों के बाद इस चर्चित छात्र हत्याकांड की जांच को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं।

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