चंदौली राष्ट्रीय लोक अदालत: एक ही दिन में 76,881 वादों का निस्तारण, करोड़ों के समझौतों से मिली जनता को राहत
चंदौली जनपद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने न्याय का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जनपद न्यायाधीश दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी के नेतृत्व में 76 हजार से अधिक मुकदमों का निपटारा हुआ, जिसमें वैवाहिक सुलह से लेकर करोड़ों के बैंक और राजस्व मामलों का समाधान शामिल है।
कुल 76,881 वादों का ऐतिहासिक निस्तारण
राजस्व न्यायालयों ने सुलझाए 67,145 मामले
मोटर दुर्घटना दावों में 1.31 करोड़ प्रतिकर
5 जोड़ों को परिवार न्यायालय ने फिर मिलाया
बैंकों ने 7.14 करोड़ की समझौता राशि तय की
चंदौली जनपद में शनिवार, 14 मार्च 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए। सदर तहसील सभागार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जनपद न्यायाधीश श्री दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर न्यायपालिका, प्रशासन और बैंक जगत के दिग्गज अधिकारियों की उपस्थिति ने 'सुलह से समाधान' के इस महाअभियान को गति प्रदान की।

न्यायिक अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति
लोक अदालत के शुभारंभ सत्र में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष श्री सुबेदार सिंह, अपर जनपद न्यायाधीश श्री विकास वर्मा (नोडल अधिकारी), विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) श्री अनुराग शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती इशरत परवीन फारूकी सहित जनपद न्यायालय के समस्त न्यायाधीशों ने हिस्सा लिया। साथ ही बार एसोसिएशन के अध्यक्षों व सचिवों ने भी इस विधिक उत्सव में सक्रिय सहयोग किया।
एक ही छत के नीचे हजारों परिवारों को मिली राहत
राष्ट्रीय लोक अदालत में केवल आर्थिक विवाद ही नहीं, बल्कि बिखरते परिवारों को भी सहेजा गया। प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) श्री किरन पाल सिंह ने 28 वादों का निस्तारण किया, जिसमें सबसे सुखद पहलू यह रहा कि 05 विवाहित जोड़ों को आपसी सुलह के बाद पुनः साथ रहने के लिए भेजा गया।
करोड़ों का प्रतिकर और समझौता राशि
आर्थिक मामलों में इस बार लोक अदालत ने बड़ी राहत दी है। पीठासीन अधिकारी (मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण) श्रीमती रश्मि नन्दा ने 43 एम.ए.सी.टी. वादों का निपटारा करते हुए 1,31,50,000 रुपये का प्रतिकर पीड़ितों को दिलाया। वहीं, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती इशरत परवीन फारूकी के न्यायालय ने रिकॉर्ड 3500 वादों का निस्तारण कर 10.30 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया। रेलवे मजिस्ट्रेट श्री अरुण कुमार गुप्ता ने भी 1850 मामलों को सुलझाकर 4.14 लाख रुपये की राजस्व वसूली सुनिश्चित की।
राजस्व और बैंक मामलों में रिकॉर्ड निस्तारण
इस लोक अदालत में राजस्व विभाग ने सबसे अधिक सक्रियता दिखाई। जनपद के सभी राजस्व न्यायालयों द्वारा कुल 67,145 मामलों का निस्तारण किया गया। बैंक ऋणों के मामले में, अग्रणी जिला प्रबन्धक श्री सुनील भगवत के नेतृत्व में विभिन्न बैंकों ने 563 ऋण खातों का निपटारा किया। इसमें 7,14,14,000 रुपये की समझौता राशि तय हुई और 3.21 करोड़ रुपये की नकद वसूली मौके पर की गई।
विधिक सेवा प्राधिकरण की बड़ी उपलब्धि
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. इन्दु रानी ने बताया कि जनपद न्यायालयों द्वारा कुल 9173 मुकदमों का निस्तारण किया गया। इसमें वसूल किया गया कुल अर्थदंड 15.90 लाख रुपये रहा, जबकि कुल समझौता राशि 1.58 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। साथ ही, 63.70 लाख रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी जारी किए गए।
लोक अदालत के अंत में जनपद न्यायाधीश ने सभी अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों को धन्यवाद दिया और कहा कि लोक अदालत न केवल समय की बचत करती है, बल्कि आपसी सौहार्द को भी बढ़ावा देती है।
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