चंदौली जिले के जिला अस्पताल में लंबी लाइनों से छुटकारा, बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई ऑनलाइन OPD सुविधा
चंदौली के बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में मरीजों को लंबी कतारों से बड़ी राहत मिली है। अस्पताल में ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन, क्यूआर कोड सुविधा और 6 नए काउंटर शुरू हो गए हैं, जिससे इलाज अब आसान और तेज होगा।
बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में ऑनलाइन ओपीडी
मरीजों के लिए खुले छह नए पंजीकरण काउंटर
मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर रजिस्ट्रेशन
चंदौली जिला अस्पताल में हाईटेक स्वास्थ्य सेवाएं
रोजाना 1700 से 2200 मरीजों को मिलेगी राहत
चंदौली जिले के लोगों के लिए एक बहुत ही अच्छी और राहत भरी खबर है। अब आपको जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल ने अपनी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज से जुड़े पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में अब ऑनलाइन ओपीडी (OPD) रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो गई है। यह कदम मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए उठाया गया है।

1700 से 2200 मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
मेडिकल कॉलेज की उप-प्राचार्य और अस्पताल परिसर की प्रभारी डॉ. नैंसी पारुल ने इस नई व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में हर रोज लगभग 1700 से लेकर 2200 मरीज अपना इलाज कराने आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के आने से पर्ची कटवाने वाले काउंटरों पर बहुत लंबी-लंबी लाइनें लग जाती थीं। इसकी वजह से खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।

छह नए पंजीकरण काउंटर भी हुए शुरू
मरीजों की इसी परेशानी को समझते हुए अस्पताल प्रशासन ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू कर दी है। इसके साथ ही अस्पताल में छह नए रजिस्ट्रेशन काउंटर भी खोल दिए गए हैं ताकि काम जल्दी हो सके। इन नए काउंटरों के खुलने से मरीजों की भीड़ अलग-अलग जगहों पर बंट जाएगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अब मरीजों की पर्ची बहुत ही कम समय में बन जाएगी और उनका कीमती वक्त बचेगा।
क्यूआर कोड से चुटकियों में होगा रजिस्ट्रेशन
अब अस्पताल में क्यूआर (QR) कोड वाली नई तकनीक भी लागू कर दी गई है। मरीज अब अपने स्मार्टफोन से अस्पताल में लगा क्यूआर कोड स्कैन करके खुद ही अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इस नई सुविधा से पर्ची बनवाने का काम पहले के मुकाबले काफी आसान, तेज और पूरी तरह से पारदर्शी हो जाएगा। आप घर बैठे भी अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और अस्पताल पहुंचकर सीधे डॉक्टर को दिखा सकते हैं।
आने वाले समय में मिलेंगी कई और सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह के निर्देशन में यह पूरी व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने बताया कि चंदौली के इस अस्पताल को पूरी तरह से डिजिटल हेल्थ सेवाओं से जोड़ने की दिशा में यह एक बहुत बड़ा कदम है। डॉ. सिंह ने यह भी साफ किया कि अभी सिर्फ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और क्यूआर कोड की सुविधा शुरू की गई है। लेकिन भविष्य में मरीज के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर ही डॉक्टर से सलाह, जांच और दवाइयां मिलने की व्यवस्था को भी इसी ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा।
कर्मचारियों का काम होगा आसान, मरीजों को मिलेगी राहत
जब यह सारी व्यवस्था पूरी तरह से ऑनलाइन हो जाएगी, तो मरीजों को एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर अस्पताल की सारी सुविधाएं बड़े ही आराम से मिल जाएंगी। इससे अस्पताल का काम भी काफी व्यवस्थित और सही समय पर होने लगेगा। डिजिटल सिस्टम के लागू होने से अस्पताल के कर्मचारियों के काम का बोझ भी थोड़ा कम होगा और वे मरीजों की ज्यादा बेहतर तरीके से देखभाल कर पाएंगे। प्रशासन का पूरा ध्यान मरीजों को नई तकनीक के जरिए अच्छी मेडिकल सुविधा देने पर है।
मरीजों और तीमारदारों ने ली राहत की सांस
अस्पताल में अपना और अपनों का इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों ने इस नई व्यवस्था का दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन पर्ची और नए काउंटर खुलने से अब लंबी लाइनों के झंझट से मुक्ति मिल गई है। आम जनता ने इसे जनहित में उठाया गया एक बहुत ही सराहनीय और शानदार कदम बताया है। लोगों को पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में जब अस्पताल की सारी सेवाएं डिजिटल हो जाएंगी, तो यहां इलाज कराना और भी ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।
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