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चंदौली के शिल्पकार पंडित कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती 3 सितंबर को, सदर कचहरी पार्क में जुटेगा पूरा जिला

चंदौली को 'धान का कटोरा' बनाने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती 3 सितंबर को धूमधाम से मनाई जाएगी। सदर कचहरी पार्क में आयोजित इस भव्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
 

पंडित कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती 3 सितंबर को

चंदौली के सदर कचहरी पार्क में भव्य समारोह का आयोजन

2400 किलोमीटर नहरों का जाल बिछाकर संवारी कृषि की राह

'चंदौली के शिल्पकार' को दी जाएगी भावभीनी श्रद्धांजलि

समाजसेवियों, युवाओं और आम जनता से शामिल होने की अपील

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और वरिष्ठ पत्रकार श्रद्धेय पंडित कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती 3 सितंबर 2026 को बहुत ही धूमधाम से मनाई जाएगी। यह भव्य कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सदर कचहरी स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी पार्क में आयोजित किया जाएगा।

समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में
पंडित कमलापति त्रिपाठी स्मृति सेवा संस्थान के तत्वावधान में इस समारोह की तैयारियां पूरी मुस्तैदी से की जा रही हैं। संस्थान के संयोजक धर्मेंद्र तिवारी की देखरेख में पार्क की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण का काम कराया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम को गरिमामय वातावरण में संपन्न कराया जा सके।

आम जनता और युवाओं से शामिल होने की अपील
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. नारायण मूर्ति ओझा ने जिले के सभी नागरिकों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, शिक्षकों, वकीलों और युवाओं से कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंडित जी का पूरा जीवन जनसेवा, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण को समर्पित था, जिसकी प्रेरणा आज की नई पीढ़ी को देना बेहद जरूरी है।

क्यों कहे जाते हैं 'चंदौली के शिल्पकार'?
पंडित कमलापति त्रिपाठी का चंदौली से हमेशा गहरा लगाव रहा। उन्हें 'चंदौली का शिल्पकार' माना जाता है, क्योंकि उन्होंने इस जिले में 2400 किलोमीटर नहरों का जाल बिछाकर मोटे अनाज उगाने वाले क्षेत्र को 'धान का कटोरा' बना दिया। सिंचाई मंत्री रहते हुए उन्होंने यहाँ के कृषि और जल संसाधनों को मजबूत किया। इसके अलावा उन्होंने चंदौली में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, अस्पताल, डिग्री कॉलेज और पॉलिटेक्निक जैसे कई बुनियादी ढांचों की नींव रखी।

श्रद्धांजलि और विचार गोष्ठी का होगा आयोजन
राजनीतिक इतिहास की बात करें तो चंदौली में उनका भारी प्रभाव रहा, हालांकि 1967 के विधानसभा चुनाव में उन्हें संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी चंद्रशेखर सिंह से हार का सामना भी करना पड़ा था। 3 सितंबर के इस समारोह में पंडित जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण, श्रद्धांजलि सभा और विचार गोष्ठी का आयोजन होगा, जिसमें जिले के कई गणमान्य लोग और सामाजिक संगठन हिस्सा लेंगे।

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