जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

चंदौली में गहरा सकता है पेट्रोल-डीजल का संकट: अलीनगर डिपो से तेल की सप्लाई में कटौती, पंपों पर राशनिंग शुरू

चंदौली के अलीनगर ऑयल डिपो से पेट्रोल-डीजल की सीमित आपूर्ति (राशनिंग) शुरू होने से हड़कंप मच गया है। तेल की बढ़ी कीमतों और कम सप्लाई के कारण मालभाड़े में वृद्धि हुई है, जिससे फल-सब्जियों के दाम 10 फीसदी तक बढ़ गए हैं।

 

पेट्रोल-डीजल के स्टॉक में भारी कटौती

अलीनगर डिपो से सीमित तेल आपूर्ति

भविष्य में ईंधन किल्लत की आशंका

ट्रांसपोर्ट भाड़ा बढ़ने से सामान महंगे

कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत

 देश में पेट्रोल और डीजल बचाने के लिए वाहनों का सीमित इस्तेमाल करने की प्रधानमंत्री की अपील के बीच, चंदौली जिले में ईंधन संकट की सुगबुगाहट तेज हो गई है। अलीनगर स्थित विभिन्न प्रमुख ऑयल डिपो से अब पेट्रोल पंप संचालकों को एक तय लिमिट (सीमित मात्रा) में ही ईंधन की आपूर्ति की जा रही है। डिपो प्रबंधन की ओर से की गई इस अचानक कटौती के बाद से ही जिले के पंप संचालकों के स्टॉक में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, अभी इस नियम का कड़ाई से पालन नहीं कराया जा रहा है, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला में आया यह अंतर आने वाले दिनों में आम जनता और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।

मांग दो हजार की तो मिल रहा 15 सौ लीटर
स्थानीय पेट्रोल पंप संचालकों के मुताबिक, अलीनगर डिपो से मिलने वाले ईंधन पर अब कड़ा नियंत्रण देखा जा रहा है। जो संचालक डिपो से दो हजार लीटर तेल की डिमांड (मांग) भेज रहे हैं, उन्हें वर्तमान में केवल पंद्रह सौ लीटर तेल ही आवंटित किया जा रहा है। नगर के जियो (Jio) पंप के संचालक नरेंद्र अरोड़ा ने इस स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डिपो से लिमिट में तेल प्राप्त हो रहा है। इसी सीमित आपूर्ति को देखते हुए वे अपने पंप पर आने वाले भारी वाहनों को भी एक निश्चित लिमिट में ही डीजल वितरित कर रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अभी तो पंप पूरी तरह ड्राई (सूखा) नहीं हुआ है, लेकिन यदि आने वाले समय में डिपो से तेल की मात्रा और कम की गई या बंद हुई, तो पूरी व्यवस्था ठप हो सकती है। फिलहाल असीमित (अनलिमिटेड) ईंधन देना नामुमकिन हो गया है।

प्रीमियम पेट्रोल और कमर्शियल गैस पर भी पड़ा असर
दूसरी ओर, अलीनगर स्थित एक अन्य पेट्रोल पंप के संचालक राजीव गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में उनके यहाँ पेट्रोल, डीजल और सीएनजी तीनों विकल्प उपलब्ध हैं। सीएनजी चूंकि ऑनलाइन ग्रिड के माध्यम से उपलब्ध है, इसलिए उसमें कोई तकनीकी दिक्कत नहीं आ रही है। पूरे जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर अभी ईंधन की उपलब्धता बनी हुई है, जिससे जनता को सीधे तौर पर कोई तात्कालिक असुविधा नहीं हो रही है। हालांकि, प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें 108 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी हैं, जो चिंता का विषय है। इसके साथ ही, जिले में एलपीजी घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की स्थिति भी सामान्य नहीं हो पा रही है; विशेषकर कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बाजार में भारी किल्लत महसूस की जा रही है।

मालभाड़ा बढ़ने से 10 फीसदी तक महंगी हुईं बाहर से आने वाली खाद्य सामग्रियां
पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों और सीमित उपलब्धता का सीधा असर अब बाजार और रसोई के बजट पर दिखने लगा है। तेल की कीमतों में हुए इस उछाल के बाद ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने अपना मालभाड़ा बढ़ा दिया है। मालभाड़े में हुई इस बढ़ोतरी के कारण बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाली आवश्यक सामग्रियां महंगी हो गई हैं। कोयला हो या फल, हरी सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स—सभी प्रकार की खाद्य सामग्रियों के दामों में वृद्धि हो गई है। खुदरा बाजार में दैनिक उपयोग का सामान करीब 5% से 10% तक महंगा बिकने लगा है। राहत की बात केवल इतनी है कि स्थानीय होटलों और रेस्टोरेंट के खाद्य पदार्थों के दामों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ट्रांसपोर्ट संघ और व्यापारी संगठनों ने जताई गहरी चिंता
चंधासी कोयला मंडी के ट्रांसपोर्ट संगठन से जुड़े अशोक पांडेय ने बताया कि डीजल के दाम बढ़ते ही माल ढुलाई के किराए में वृद्धि करना मजबूरी हो गया है। चंधासी मंडी से देश के आधे दर्जन से अधिक राज्यों को जाने वाले माल का भाड़ा अब काफी बढ़ चुका है। वहीं, फल एवं सब्जी वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नारायण सोनकर का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की महंगाई ने सीधे तौर पर कृषि उत्पादों के परिवहन को प्रभावित किया है। बाहर से मंडियों तक माल लाने के लिए हर ट्रांसपोर्टर ने अपनी दरें बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा खामियाजा उपभोक्ताओं को फल और सब्जियों के बढ़े हुए दामों के रूप में भुगतना पड़ रहा है। यदि ईंधन की राशनिंग जल्द समाप्त नहीं हुई तो महंगाई का यह ग्राफ और ऊपर जा सकता है।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*