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किसानों के लिए राहत भरी खबर: रबी सीजन में सिंचाई के लिए मिलेंगी 23 साफ माइनरें, शासन से 30 लाख मंजूर

रबी सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने हेतु चंद्रप्रभा प्रखंड की 23 माइनरों की सफाई के लिए 29.47 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।

 

रबी सीजन सिंचाई के लिए पानी

चंद्रप्रभा प्रखंड की 23 माइनर सफाई

शासन से मिले 29.47 लाख रुपये

नारायणपुर पंप कैनाल धीमी रफ्तार

चंदौली जिले में रबी सीजन के दौरान किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की पुख्ता तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चंद्रप्रभा प्रखंड की कुल 23 माइनरों की साफ-सफाई कराने के लिए शासन स्तर से 29.47 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत कर दी गई है। किसानों के लिए यह बहुत बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि वे अपनी गेहूं और अन्य फसलों की सिंचाई के लिए मुख्य रूप से इन्हीं नहरों और माइनरों पर निर्भर रहते हैं।

25 दिसंबर से रोस्टर के मुताबिक पानी छोड़ने का लक्ष्य
विभाग की तरफ से यह सख्त लक्ष्य रखा गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी माइनरों की सफाई का काम पूरी तरह पूरा कर लिया जाए। इसके बाद आगामी 25 दिसंबर से रोस्टर के अनुसार सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इस पूरी सफाई प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मात्र 21 दिनों का समय तय किया गया है। स्वीकृत बजट की मदद से नहरों से सिल्ट यानी गाद हटाने और पानी के प्रवाह में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा।

टेंडर प्रक्रिया शुरू, सहायक अभियंता ने दी जानकारी
विभाग की ओर से तय समयसीमा के भीतर सफाई कराकर पानी छोड़ने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सहायक अभियंता संजय सिंह की देखरेख में इसके लिए टेंडर यानी निविदा की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। हालांकि, मुख्य नहरों के लिए पर्याप्त बजट न मिलने के कारण टेल तक यानी आखिरी छोर तक पानी पहुंचाने को लेकर अभी भी थोड़ी चुनौती बनी हुई है, जिस पर विभाग नजर बनाए हुए है।

नारायणपुर पंप कैनाल का काम धीमा होने से बढ़ी चिंता
दूसरी तरफ जिले में सिंचाई से जुड़ी एक अन्य प्रमुख परियोजना यानी नारायणपुर पंप कैनाल का निर्माण कार्य बेहद सुस्त रफ्तार से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट की आखिरी डेडलाइन दिसंबर 2026 तय की गई है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023 में भूपौली मुख्य नहर में सीसी लाइनिंग के लिए 34 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी के अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण काम बहुत मंद गति से हो रहा है, जिससे समय पर पूरा होने पर सवाल उठ रहे हैं।

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