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चंदौली में समूह सखियों का हल्लाबोल: 2 साल से रुका मानदेय नहीं मिला तो एक हफ्ते बाद होगी भूख हड़ताल

चंदौली में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समूह सखियों ने 2 साल से मानदेय न मिलने के विरोध में सोमवार को जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 1 हफ्ते में भुगतान न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी।
 

चंदौली में समूह सखियों का धरना

दो साल से रुके मानदेय की मांग

जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी

एक हफ्ते में भूख हड़ताल की धमकी

8 ब्लॉकों की सैकड़ों महिलाएं शामिल

 चंदौली जिले में सोमवार को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत काम करने वाली समूह सखियों, बैंक सखियों और बुककीपरों के सब्र का बांध टूट गया। 'समूह सखी संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले जुटी सैकड़ों महिलाओं ने मानदेय भुगतान में हो रही भारी देरी के विरोध में धरना स्थल पर जमकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर रुका हुआ मानदेय जल्द दिलाने की मांग की और मांगें न पूरी होने पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया।

चंदौली में  2 साल से मानदेय न मिलने पर समूह सखियों का प्रदर्शन, 1 सप्ताह में भुगतान न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी

दो-दो साल से रोका गया है मानदेय
संघर्ष मोर्चा की अध्यक्ष गीता मौर्या ने आरोप लगाया कि समूह सखी, बैंक सखी और बुककीपरों का बीते दो वर्षों का मानदेय मनमाने तरीके से रोक कर रखा गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं दिन-रात विभागीय काम पूरी निष्ठा से कर रही हैं, लेकिन जब भी मानदेय का समय आता है, तो केवल झूठे आश्वासन दिए जाते हैं। कभी लोकोष का काम पूरा करने तो कभी किसी अन्य काम का बहाना बनाकर भुगतान टाल दिया जाता है।

2,000 रुपये के मानदेय में फोन रिचार्ज और आने-जाने का खर्च भी शामिल
संघर्ष मोर्चा की संयोजिका राजेश्वरी चतुर्वेदी ने महिलाओं की दुर्दशा उजागर करते हुए कहा कि वे हर दिन 10 से 12 घंटे तक कड़ी मेहनत करती हैं। इसके बदले उन्हें करीब दो हजार रुपये का मामूली मानदेय मिलता है, जो समय से नहीं दिया जा रहा। इस कम राशि में से ही उन्हें स्मार्टफोन, मोबाइल रिचार्ज और फील्ड में आने-जाने का खर्च खुद ही उठाना पड़ता है।

8 ब्लॉकों की सैकड़ों महिलाएं प्रदर्शन में हुईं शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में जिले के नौगढ़, चकिया, शहाबगंज, चंदौली, नियामताबाद, सकलडीहा, चहनिया और धानापुर ब्लॉक की सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि हर बार विभागीय अधिकारी अगले महीने भुगतान करने का आश्वासन देकर टालमटोल कर देते हैं, लेकिन इस बार वे अपने अधिकार लिए बिना पीछे नहीं हटेंगी।

डीएम को सौंपा ज्ञापन, एक हफ्ते का दिया अल्टीमेटम
धरने के बाद गीता मौर्या, राजेश्वरी चतुर्वेदी और अंजू पांडेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनके रुके हुए मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो वे भूख हड़ताल पर बैठने के साथ-साथ पूरी तरह से काम बंद कर हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगी।

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