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'धान के कटोरे' चंदौली में अब श्रीअन्न और दलहन की मचेगी धूम, कृषि विभाग ने जारी किए फसलों के नए आंकड़े

चंदौली में परंपरागत खेती के साथ दलहन, तिलहन और श्रीअन्न (मोटे अनाज) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शासन ने कमर कस ली है। इस साल अरहर और बाजरा समेत कई फसलों की बुआई का रकबा बढ़ाया गया है, जिसपर किसानों को 50 से 100% तक अनुदान मिलेगा।

 

श्रीअन्न व दलहनी फसलों को बढ़ावा

6539 हेक्टेयर में होगी अरहर बुआई

बाजरा के लिए 4749 हेक्टेयर लक्ष्य

अरहर बीज पर 50 फीसदी सब्सिडी

बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हुई

'धान का कटोरा' नाम से मशहूर चंदौली जिले के किसानों को अब आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। शासन की मंसा के अनुसार, जिले में परंपरागत धान और गेहूं की खेती के साथ-साथ अब खाद्यान्न, श्रीअन्न (मोटे अनाज) और दलहनी फसलों के उत्पादन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।

आकांक्षात्मक जिलों में शामिल इस कृषि प्रधान जिले के अधिकांश किसान दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की खेती करने से कतराते थे। यहाँ केवल 20 फीसदी किसान ही असिंचित क्षेत्रों में इन फसलों को उगाते थे। इसके कारण जिले को दलहन-तिलहन की कमी से जूझना पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए कृषि विभाग अब किसानों को जागरूक कर रहा है।

इस साल अरहर और बाजरा का रकबा बढ़ा
चंदौली के जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि कम बारिश की स्थिति में भी किसान इन फसलों का अच्छा उत्पादन कर समृद्ध हो सकते हैं। इस साल जिले में अरहर फसल की बुआई के लिए 6539 हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 400 हेक्टेयर ज्यादा है।

इसके अलावा, मोटे अनाजों में इस साल 4749 हेक्टेयर में बाजरा फसल की बुआई की जाएगी। वहीं मक्का के लिए 1653 हेक्टेयर, ज्वार के लिए 984 हेक्टेयर और श्रीअन्न (माइनर मिलेट्स) के लिए 252 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है।

उर्द, मूंग और तिल के लिए भी लक्ष्य तय
विभाग ने अन्य खरीफ फसलों के लिए भी आंकड़े जारी किए हैं। इसके तहत जिले में उर्द की खेती 2430 हेक्टेयर में, मूंग की खेती 21 हेक्टेयर में और तिल की खेती 54 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कराने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।

इन सभी फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से राजकीय कृषि बीज भंडारों के माध्यम से किसानों को सब्सिडी वाले उत्तम बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि लागत कम आए और मुनाफा दोगुना हो सके।

50 से 100% तक के भारी अनुदान पर मिलेंगे बीज
किसानों की सहूलियत के लिए सरकार बीज पर भारी छूट दे रही है। जिले के सभी राजकीय कृषि बीज भंडारों पर अरहर और उर्द का प्रमाणित व उच्च गुणवत्ता वाला बीज 50 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) पर मिल रहा है। इसके अलावा बाजरा, सावां, कोदो और रागी जैसी फसलों के बीज मिनीकिट वितरण के लिए शत-प्रतिशत (100%) अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

10 सितंबर तक ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
जो किसान इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर नियमानुसार अपनी बुकिंग कर सकते हैं। दलहनी और तिलहनी फसलों के बीजों की यह ऑनलाइन बुकिंग 10 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 10 सितंबर तक जारी रहेगी। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे समय से बुकिंग कर सरकारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।

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