जिले में कोटेदारों की दबंगई खत्म: जिलाधिकारी ने निलंबित की सोहदवार की राशन दुकान, FIR के आदेश
चंदौली के सोहदवार में सरकारी राशन के वितरण में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। कार्डधारकों का फिंगरप्रिंट लगवाने के बावजूद राशन डकारने वाली महिला कोटेदार के खिलाफ जिलाधिकारी ने निलंबन और FIR की कड़ी कार्रवाई की है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
सोहदवार की कोटे की दुकान तत्काल प्रभाव से निलंबित
आरोपी महिला कोटेदार मराछी देवी पर दर्ज होगी FIR
460 कार्डधारकों से बायोमेट्रिक लेने के बाद नहीं दिया राशन
ई-वेइंग मशीन का उपयोग न कर की गई कालाबाजारी
जिलाधिकारी के कड़े रुख से राशन माफियाओं में हड़कंप
चंदौली जिले के सदर विकास खंड अंतर्गत ग्राम सोहदवार में सरकारी राशन की दुकान में चल रही भारी अनियमितताओं पर प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। जिलाधिकारी को लंबे समय से सोहदवार की उचित दर विक्रेता मराछी देवी के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एक विशेष जांच दल का गठन किया था। जांच रिपोर्ट में कोटेदार द्वारा की गई जालसाजी की पुष्टि होने के बाद, जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से दुकान के अनुबंध पत्र को निलंबित कर दिया है।
460 कार्डधारकों के साथ बायोमेट्रिक धोखाधड़ी
जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। कोटेदार मराछी देवी ने मई माह के वितरण चक्र के दौरान डिजिटल तकनीक का सहारा लेकर गरीबों को ठगने का काम किया। 24 अप्रैल से 14 मई के बीच कुल 460 कार्डधारकों को दुकान पर बुलाकर ई-पॉस (e-POS) मशीन पर उनके अंगूठे तो लगवाए गए (आधार प्रमाणीकरण), लेकिन उन्हें अनाज का एक दाना भी नहीं दिया गया। कार्डधारकों को यह कहकर लौटा दिया गया कि राशन बाद में मिलेगा, जबकि मशीन पर उनका ट्रांजेक्शन सफल दिखाकर खाद्यान्न को रिकॉर्ड में वितरित घोषित कर दिया गया।
ई-वेइंग मशीन को दरकिनार कर की गई कालाबाजारी
जिला पूर्ति अधिकारी वासुदेव तिवारी ने बताया कि कोटेदार ने न केवल वितरण में हेराफेरी की, बल्कि शासन के पारदर्शी वितरण के नियमों का भी उल्लंघन किया। कोटेदार ने ई-पॉस मशीन से जुड़ी ई-वेइंग मशीन (इलेक्ट्रॉनिक कांटा) का उपयोग नहीं किया, ताकि अनाज की तौल में हेराफेरी की जा सके। जब विभाग ने भंडारण का भौतिक सत्यापन किया और कार्डधारकों के बयान दर्ज किए, तो यह स्पष्ट हो गया कि सरकारी अनाज को गरीबों में बांटने के बजाय निजी स्वार्थ के लिए खुले बाजार में खपाया जा रहा था।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी
इस गंभीर मामले को देखते हुए जिलाधिकारी ने केवल निलंबन तक ही सीमित रहने के बजाय, आरोपी कोटेदार के खिलाफ 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' की सुसंगत धाराओं के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने का आदेश दिया है। जिला पूर्ति अधिकारी ने पुष्टि की है कि साक्ष्यों के आधार पर कोटेदार द्वारा की गई कालाबाजारी पूरी तरह सिद्ध हो चुकी है। इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट कोटेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि गरीबों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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