जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर मेडिकल कॉलेज में तंबाकू जागरूकता शिविर का आयोजन

इस वर्ष की थीम "तंबाकू हमें और हमारे ग्रह को मार रहा है" पर जोर देते हुए बताया कि तंबाकू उत्पादन एवं सेवन से जलवायु, जल संसाधनों और पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
 

दंत चिकित्सा विभाग द्वारा मुख कैंसर जांच शिविर आयोजित

डॉ. पीयूष शिवहरे की अगुवाई में चला जागरूकता अभियान

प्राचार्य डॉ. अमित सिंह ने तंबाकू के दुष्प्रभावों पर किया संबोधन
 

चंदौली जिले के बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय  में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई को  दंत चिकित्सा विभाग द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम एवं मुख कैंसर जांच शिविर का आयोजन किया गया।


 इस कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और मुख कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव हेतु जानकारी प्रदान करना था।

Tobacco awareness camp

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमित सिंह, उपप्राचार्य डॉ. नैंसी पारुल, दंत विभागाध्यक्ष डॉ. पीयूष शिवहरे तथा उनकी विशेषज्ञ टीम – डॉ. दिलीप, डॉ. आरती, डॉ. योगेश, डॉ. जैनुब, डॉ. श्रीयम, रंजना और अजय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. अमित सिंह के संबोधन से हुई। उन्होंने तंबाकू सेवन के गंभीर दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए कहा कि तंबाकू न केवल मानव स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने इस वर्ष की थीम "तंबाकू हमें और हमारे ग्रह को मार रहा है" पर जोर देते हुए बताया कि तंबाकू उत्पादन एवं सेवन से जलवायु, जल संसाधनों और पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि मुख कैंसर की पहचान जितनी जल्दी हो, उसका इलाज उतना ही प्रभावी होता है। इसलिए तंबाकू का सेवन करने वालों को नियमित रूप से जांच करानी चाहिए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही रोग का पता चल सके।

Tobacco awareness camp

दंत विभागाध्यक्ष डॉ. पीयूष शिवहरे ने बताया कि तंबाकू के कारण होने वाले मुख रोग, जैसे ल्यूकोप्लाकिया, जो कैंसर का प्रारंभिक रूप है, अब आधुनिक लेजर तकनीक से विभाग में ही उपचार योग्य है। उन्होंने लोगों को निःशुल्क जांच और उपचार सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

शिविर के दौरान लोगों को पोस्टरों के माध्यम से तंबाकू के विभिन्न प्रकार – जैसे गुटखा, खैनी, बीड़ी, सिगरेट आदि – और उनसे होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही मुख कैंसर के चेतावनी संकेत, जैसे मुंह में स्थायी घाव, दर्द, चबाने में कठिनाई आदि के प्रति भी जागरूक किया गया। इन संकेतों की उपेक्षा नहीं करने की सलाह दी गई।

Tobacco awareness camp

पर्यावरण पर तंबाकू के प्रभाव जैसे पेड़ों की कटाई, जल प्रदूषण और भूमि की उर्वरता पर प्रभाव पर भी प्रकाश डाला गया। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य केवल रोगों से बचाव ही नहीं, बल्कि एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण को बढ़ावा देना भी था।

Tobacco awareness camp

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने भाग लिया और तंबाकू से दूर रहने का संकल्प लिया। इस प्रकार यह शिविर जनहित में एक सफल पहल साबित हुआ, जिससे लोगों को स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा हेतु तंबाकू त्यागने की प्रेरणा मिली।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*