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उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: प्रीपेड बिजली मीटरों से मिली मुक्ति, अब पोस्टपेड मोड में चलेंगे मीटर, मोबाइल पर आएगा बिल

उत्तर प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में बदलने का आदेश जारी किया है। अब उपभोक्ताओं को बिजली इस्तेमाल करने के बाद बिल मिलेगा, जिसकी सूचना एसएमएस और व्हाट्सएप पर दी जाएगी।

 
 

स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड मोड में

मोबाइल पर एसएमएस-व्हाट्सएप से मिलेगा बिल

आरडीएसएस योजना के सभी मीटरों में बदलाव

15 मई से शिकायतों के लिए विशेष कैंप

हर महीने की 10 तारीख तक आएगा बिल

उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर प्रणाली को तत्काल प्रभाव से बंद करने और सभी मीटरों को पोस्टपेड मोड में संचालित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर नई व्यवस्था की जानकारी साझा की है।

आरडीएसएस योजना के तहत होगा बदलाव
प्रबंध निदेशक ने अवगत कराया कि आरडीएसएस (RDSS) योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में जितने भी स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए थे, उन्हें अब पोस्टपेड सिस्टम में परिवर्तित किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था का मुख्य लाभ यह होगा कि उपभोक्ताओं को पहले की तरह एडवांस रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे पूरे महीने बिजली खपत करने के बाद अपना बिल जमा कर सकेंगे।

मोबाइल पर आएगा डिजिटल बिल: 10 तारीख का लक्ष्य
नई व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। अब उपभोक्ताओं को उनके बिजली बिल की जानकारी सीधे एसएमएस (SMS) और व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि हर महीने की 10 तारीख तक पोस्टपेड बिल अनिवार्य रूप से जारी कर दिए जाएं।

ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अभी तक सिस्टम में पंजीकृत नहीं हैं, उनके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि हर किसी को समय पर बिल की जानकारी मिल सके।

शिकायतों के लिए 15 मई से लगेंगे विशेष कैंप
स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार ने विशेष कैलेंडर जारी किया है। 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर 'विशेष काउंटर' और 'कैंप' आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में उपभोक्ता अपनी शिकायतों का मौके पर निस्तारण करा सकेंगे।

कैसे देख सकेंगे अपना बिल?
उपभोक्ताओं को सुविधा देने के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं:--

1. व्हाट्सएप चैटबॉट: संबंधित बिजली वितरण निगम के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर से।

2. हेल्पलाइन: 1912 डायल कर उपभोक्ता अपने बिल की स्थिति जान सकते हैं।

3. एसएमएस अलर्ट: पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सीधे प्राप्त होने वाले संदेशों के जरिए।

सरकार के इस कदम को उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। इससे प्रीपेड मीटरिंग में आने वाली तकनीकी खामियों और अचानक बिजली कटने जैसी समस्याओं से जनता को राहत मिलेगी।

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