ऑपरेशन कन्विक्शन में चंदौली पुलिस को दोहरी सफलता, चार अपराधियों को मिली सजा
वर्षों पुराने दो मामलों में चंदौली पुलिस ने कोर्ट से दिलाई सजा
दो मुकदमों में कुल 4 अभियुक्तों को न्यायालय ने माना दोषी
अर्थदंड अदा न करने पर 10 दिन की अतिरिक्त सजा
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत चंदौली पुलिस को न्यायिक सफलता प्राप्त हुई है। दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह कार्यवाही पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, साक्ष्य संकलन और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते संभव हो सकी।
पहला मामला: पशु क्रूरता व गोवध निवारण अधिनियम के अंतर्गत सजा
थाना मुगलसराय क्षेत्र के वर्ष 2002 के एक मामले में अभियुक्त बाबूलाल यादव और रामलखन को मा० न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया गया। अभियुक्तों पर धारा 3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम तथा धारा 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज था।
माननीय सिविल जज जूडिशियल मजिस्ट्रेट सुश्री इन्दू रानी की अदालत ने दोनों अभियुक्तों को न्यायालय उठने तक की सजा और 5000-5000 रुपये का अर्थदण्ड सुनाया है। जुर्माना अदा न करने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस सफलता का श्रेय उ0नि0 आकाश त्रिपाठी, एपीओ विपिन कुमार, और पैरोकार हेड कांस्टेबल राजेश राय की टीम को दिया गया।
दूसरा मामला: धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े में सजा
वर्ष 1996 में थाना चंदौली क्षेत्र में पंजीकृत मुकदमा संख्या 155/1996 के अंतर्गत धारा 419, 420, 467, 468 भादवि में दो अभियुक्तों मुन्नर राम और राजेन्द्र राम को अदालत ने दोषी पाया।
इन दोनों अभियुक्तों को भी न्यायालय द्वारा जेल में बितायी गई अवधि के साथ 20000-20000 रुपये के जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना न देने की स्थिति में उन्हें 10 दिनों की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इस मामले में पैरवी की जिम्मेदारी मानिटरिंग सेल प्रभारी उ0नि0 आकाश त्रिपाठी, एपीओ विपिन कुमार और कांस्टेबल शशिकांत गौतम ने संभाली।
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