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हत्या के मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास, 20-20 हजार का जुर्माना भी
अभियोजन की तरफ से कोर्ट में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजय कुमार त्रिपाठी ने साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किया, जिसके बाद सजा सुनायी गयी।
 

एक हत्या के मामले की सुनवाई के बाद सजा का ऐलान

2009 में लाठी डंडा और कुल्हाड़ी से हमला

इलाज के दौरान हुयी थी मौत

चंदौली के अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शुक्रवार को एक हत्या के मामले की सुनवाई के बाद चार लोगों पर दोष सिद्ध होने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी। कोर्ट ने चारों दोषियों पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा दोषियों को जेल में गुजारनी होगी। अभियोजन की तरफ से कोर्ट में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजय कुमार त्रिपाठी ने साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किया, जिसके बाद सजा सुनायी गयी।


उन्होंने बताया कि साल 2009 में दो फरवरी को रामजनम चकिया नगर पंचायत क्षेत्र के सरकारी अस्पताल के पास एक मेडिकल स्टोर के बाहर बैठकर अखबार पढ़ रहा था। इसी बीच विपक्षी रमेश, दिनेश, राजदीप और रामबचन ने लाठी डंडा और कुल्हाड़ी से लैस होकर हमला कर दिया। शोर गुल सुनकर रामजनम के पिता लालबहादुर मौके पर पहुंच गए। उन्हें देख विपक्षियों ने तमंचे से लालबहादुर के ऊपर फायर कर दिया।


हमले में पिता घायल हो गए। उनकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं घायल रामजनम को उपचार के लिए वाराणसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी मामले की शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश जगदीश की अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट ने साक्ष्य और तर्क के बाद चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। साथ ही उन्हें आजीवन कारावास की सजा से दंडित करने का आदेश दिया। इसके अलावा 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।

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