अरविन्द यादव हत्याकांड में फरार इनामी बदमाश गिरफ्तार, असलहे व कारतूस बरामद
जुलाई माह में जिम संचालक अरविन्द यादव की हुई थी हत्या
पुलिस ने पहले ही 09 नामजद अभियुक्तों को भेजा था जेल
फरार दो अपराधियों पर घोषित था 50-50 हजार का इनाम
तलाशी में आधा दर्जन असलहे और जिंदा कारतूस बरामद
चंदौली पुलिस को जिम संचालक अरविंद यादव की हत्या के मामले में बड़ी सफलता मिली है। मुगलसराय कोतवाली पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल दो मुख्य फरार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल सहित भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान गाजीपुर के रहने वाले रोशन यादव पुत्र रामनारायण यादव और वाराणसी के रहने वाले रोहित यादव पुत्र भैयालाल यादव के रूप में की गयी है।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। 31 अगस्त 2025 की रात, मुगलसराय के प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह और स्वाट/सर्विलांस प्रभारी आशीष मिश्रा को चकिया तिराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि जिम संचालक हत्याकांड के वांछित अपराधी रोशन यादव और रोहित यादव मानसरोवर पोखरे की तरफ जा रहे हैं और उनके पास अवैध असलहे भी हैं।
इस सूचना पर तत्काल घेराबंदी की गई। रात 1:23 बजे पोखरे और जीटीआर ब्रिज के पास से दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया, जिनकी पहचान रोशन यादव (22) और रोहित यादव (26) के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उनके पास से कुल 7 पिस्टल 32 बोर, 7 जिंदा कारतूस 32 बोर, 3 देशी तमंचे 315 बोर और 3 जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, इनमें से एक पिस्टल का इस्तेमाल अरविंद यादव की हत्या में किया गया था।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे जिम संचालक अरविंद यादव की हत्या में शामिल थे। उन्होंने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद वे मौके से फरार हो गए थे और अब मामला शांत होने पर हथियार खरीदने-बेचने के लिए वापस आए थे।
अभियुक्त रोहित यादव ने खुलासा किया कि उसकी दोस्ती रोशन यादव से कई साल पहले वाराणसी के काशी विद्यापीठ में हुई थी। 2022 में, वह एक ट्रक लूट और ड्राइवर-खलासी की हत्या के जुर्म में वाराणसी जेल में बंद था, जहां उसकी मुलाकात बृजेश यादव उर्फ बाबा यादव से हुई। जेल से बाहर आने के बाद भी वे एक-दूसरे से मिलते रहे और अवैध असलहों की तस्करी करने लगे।
रोहित ने बताया कि हत्या वाले दिन बृजेश यादव के कहने पर वह रोशन यादव के साथ अरविंद को मारने की नीयत से उसके घर गया था। वहां उन्हें बृजेश के अलावा कल्लू यादव, रोहित यादव, काजू यादव और उनके अन्य साथी मिले। सभी ने मिलकर अरविंद के घर पर धावा बोला। जब अरविंद घर पर नहीं मिला, तो वे उसके जिम पर गए। वहां थोड़ी देर कहासुनी के बाद उन्होंने अरविंद को गोली मारकर हत्या कर दी और अलग-अलग जगहों पर भाग गए।
रोहित ने बताया कि उन्हें लगा कि अब मामला शांत हो गया है, इसलिए वे हथियार के धंधे के लिए दोबारा आए थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी कई लोगों से दुश्मनी है, इसलिए वे हमेशा अपने साथ पिस्टल रखते हैं।
बरामदगी किए गए असलहे व कारतूस
02 पिस्टल 32 बोर (हत्या में प्रयुक्त)
05 पिस्टल 32 बोर (कुल 07)
07 जिंदा कारतूस 32 बोर
03 देशी तमंचा 315 बोर
03 जिंदा कारतूस 315 बोर
पूर्व की घटना और गिरफ्तारियां
आपको बता दें कि 21 जुलाई 2025 को मुगलसराय के धरना गांव में जिम संचालक और प्रॉपर्टी डीलर अरविंद यादव की अज्ञात बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्हें तुरंत ट्रामा सेंटर वाराणसी ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर मुगलसराय थाने में 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
आपको बता दें कि इस मामले में अब तक कुल 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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