कोर्ट के आदेश पर भूपौली चौकी प्रभारी समेत 7 पर FIR, दलित महिला से अभद्रता और आगजनी का आरोप
चंदौली के भूपौली चौकी प्रभारी अमित सिंह और उनके छह सहयोगियों पर न्यायालय के आदेश के बाद गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। दलित महिला के घर में घुसकर मारपीट, आगजनी और जातिसूचक गाली-गलौज के मामले में पुलिस अब जांच का सामना करेगी।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
चौकी प्रभारी अमित सिंह बने नामजद अभियुक्त
दलित महिला की मड़ई में आगजनी का आरोप
एससी-एसटी एक्ट और मारपीट की धाराएं शामिल
चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत भूपौली पुलिस चौकी के प्रभारी अमित सिंह और उनके सहयोगियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जमीन विवाद से जुड़े एक पुराने मामले में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने अपने ही विभाग के अधिकारी सहित सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई ने जहां पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, वहीं जिले के आम जनमानस में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि किस प्रकार रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
मड़ई में आगजनी और दलित महिला से अभद्रता का सनसनीखेज आरोप
घटना की जड़ें 6 जुलाई 2023 के उस विवाद से जुड़ी हैं, जब कैली गांव निवासी रीता देवी ने आरोप लगाया था कि रात के अंधेरे में चौकी प्रभारी अमित सिंह अपने सहयोगियों के साथ उनके घर (मड़ई) में जबरन दाखिल हुए। पीड़िता ने न्यायालय एससी/एसटी चंदौली को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि चौकी प्रभारी और उनके साथियों ने न केवल जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया, बल्कि उनकी मड़ई में आग भी लगा दी। इस आगजनी में परिवार का भारी नुकसान हुआ, लेकिन पुलिस ने उस समय उनकी सुनवाई नहीं की।
बुजुर्ग के साथ बर्बरता: मारपीट में टूटी हाथ की उंगली
पीड़िता के अनुसार, जब उनके ससुर राधेश्याम ने पुलिस की इस दबंगई का विरोध किया, तो चौकी प्रभारी ने अपना आपा खो दिया। आरोप है कि अमित सिंह ने बुजुर्ग को थप्पड़ मारकर पास के तालाब में गिरा दिया और बाद में लाठी-डंडों से उनकी इतनी बेरहमी से पिटाई की कि उनके हाथ की उंगली टूट गई। आरोपियों की इस दबंगई और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ पीड़िता ने हार नहीं मानी और अंततः न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अब पुलिस को मजबूरी में यह एफआईआर दर्ज करनी पड़ी है।
गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, निष्पक्ष जांच का आश्वासन
न्यायालय द्वारा प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाने के बाद 7 जनवरी 2025 को अलीनगर पुलिस ने चौकी प्रभारी अमित सिंह, बसंत, ओमप्रकाश सहित सात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 323, 504, 506, 452, 427, 435 और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस पंजीकृत किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडीडीयू नगर के क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि विभाग इस मामले में पूरी तरह पारदर्शी है और विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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