पत्नी की हत्या करने वाले इजहार को मिली उम्रकैद की सजा, देना होगा 50 हजार का जुर्माना
पत्नी की हत्या के दोषी को उम्रकैद
चंदौली न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला
ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत सजा
वैज्ञानिक विवेचना और प्रभावी पैरवी
चंदौली जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष को एक बहुत बड़ी सफलता मिली है। माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-1, चंदौली (पीठासीन अधिकारी श्री अशोक कुमार-XI) ने दिनांक 30 अक्टूबर 2026 को एक सनसनीखेज हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त पति को आजीवन कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यदि अभियुक्त द्वारा जुर्माना नहीं अदा किया जाता है, तो उसे 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
क्या था पूरा मामला और हत्या की वजह
यह पूरी घटना दिनांक 18 मार्च 2024 की रात लगभग 09:00 बजे की है, जो थाना इलिया क्षेत्र के अंतर्गत घटी थी। मृतका निशा बेगम (जो अभियुक्त इजहार अली की पत्नी थीं) ने अपने मायके और स्वयं सहायता समूह से कर्ज लेकर एक टोटो (ई-रिक्शा) खरीदा था। इसी टोटो की किश्त टूटने और पैसों के लेन-देन को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया था। इसी बात से गुस्से में आकर आरोपी पति इजहार अली ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और ईंट-पत्थरों से सिर व चेहरे पर प्रहार करने के साथ ही गला दबाकर अपनी पत्नी निशा बेगम की निर्मम हत्या कर दी थी। इस संबंध में मृतका के भाई की तहरीर पर थाना इलिया में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
वैज्ञानिक साक्ष्यों और मजबूत पैरवी से मिली सजा
पुलिस ने इस मामले की बेहद बारीकी से वैज्ञानिक विवेचना की, जिसमें डीएनए रिपोर्ट जैसे अहम वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद अदालत में मजबूत और प्रभावी पैरवी के चलते यह दोषसिद्धी सुनिश्चित हो सकी। इस पूरे मामले में मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन अधिकारी श्री संजय कुमार त्रिपाठी (एडीजीसी) और थाना इलिया पुलिस के पैरोकार हेड कांस्टेबल अश्वनी राय की पैरवी बेहद सराहनीय रही, जिनके प्रयासों से चंद दिनों में दोषी को सजा की मंजिल तक पहुंचाया गया।
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