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ऑनलाइन साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी आधार कार्ड से बैंक खाते खोलकर ठगी करने वाले 3 गिरफ्तार

चंदौली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने देश के विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के 3 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी आधार बनाकर 'म्यूल' खाते खुलवाते थे और ठगी का पैसा सलीम चिश्ती नाम के सरगना तक पहुंचाते थे।

 
 

चंदौली में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश

मझवार स्टेशन के पास से 3 अभियुक्त गिरफ्तार

फर्जी फोटो वाले कूटरचित आधार कार्ड बरामद

देशभर से जुड़ी शिकायतों में खातों का इस्तेमाल

प्रयागराज में सरगना को पहुंचाते थे सिम और एटीएम

चंदौली जिले में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और 'म्यूल' (Mule) खातों का इस्तेमाल करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस और साइबर सेल को बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रभारी निरीक्षक चंदौली और साइबर सेल प्रभारी के कुशल नेतृत्व में निकली टीम ने 10 अगस्त 2026 की देर रात (00:17 बजे) मझवार रेलवे स्टेशन के पास से तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से 3 बैंक पासबुक, 3 कूटरचित आधार कार्ड और 1 वीवो कंपनी का स्मार्टफोन बरामद हुआ है।

दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़े हैं तार
साइबर सेल जनपद चंदौली की जांच में पाया गया कि बैंक ऑफ इंडिया के खाता संख्या 690810110008947 का इस्तेमाल साइबर अपराध से कमाए गए अवैध पैसों को प्राप्त करने और ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (NCRP) की जांच में इस खाते से संबंधित दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट साइबर पुलिस स्टेशन, गुजरात के अहमदाबाद सिटी (नारनपुरा थाना) और महाराष्ट्र के वर्धा (सेलू थाना) में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें पंजीकृत पाई गईं। इस खाते में हजारों रुपये की अवैध रकम बार-बार ट्रांसफर की गई थी।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान और बरामदगी
पुलिस द्वारा पकड़े गए पहले अभियुक्त की पहचान पवन कुमार पुत्र सीताराम (उम्र 21 वर्ष) निवासी ग्राम धुन्नू (टुन्नू), थाना शहाबगंज, चंदौली के रूप में हुई। इसके कब्जे से बैंक ऑफ इंडिया की पासबुक और एक आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड पर पवन की फोटो लगी थी लेकिन नाम 'राकेश कुमार' दर्ज था। NCRP पोर्टल पर चेक करने पर इसके खाते में ठगी के कुल 3 केस दर्ज मिले।

दूसरे अभियुक्त की पहचान राजेश उर्फ पखण्डू पुत्र स्व. राम अवध निवासी बढ़वल खास, थाना सकलडीहा, चंदौली के रूप में हुई। इसके पास से केनरा बैंक की पासबुक और 'दिनेश कुमार' नाम का फर्जी आधार कार्ड मिला। इस खाते से संबंधित कुल 06 साइबर फ्रॉड की शिकायतें पोर्टल पर दर्ज पाई गईं, जिनमें हजारों रुपये ट्रांसफर हुए थे।

तीसरे अभियुक्त की पहचान राहुल कुमार पुत्र मराछु (उम्र 35 वर्ष) निवासी बढ़वल खास, थाना सकलडीहा, चंदौली के रूप में हुई। इसके कब्जे से उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की पासबुक (खाताधारक 'गोविंद') और 'रमेश कुमार' नाम का कूटरचित आधार कार्ड मिला। इस खाते पर भी कुल 04 साइबर फ्रॉड की शिकायतें पंजीकृत पाई गईं।

सलीम चिश्ती को प्रयागराज जाकर देते थे सिम और एटीएम
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि वे अपनी असली पहचान छिपाने के लिए अपने फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी नाम-पते वाले एडिटेड आधार कार्ड बनवाते थे। वे गांव-गांव घूमकर भोले-भाले लोगों और अपने नाम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते थे।

इसके बाद इन खातों से जुड़े एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और नेट बैंकिंग की आईडी-पासवर्ड इकट्ठा करके सलीम चिश्ती नाम के व्यक्ति को प्रयागराज जाकर सौंप देते थे। सलीम चिश्ती बार-बार अपने मोबाइल नंबर बदलता रहता था और वे लोग आपस में केवल व्हाट्सएप कॉल के जरिए ही बात करते थे।

मुकदमे में बढ़ी धाराएं, सरगना की तलाश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमे में बीएनएस की धारा 319(2), 336(3), 338, 339, 3(5) और 66D आईटी एक्ट की बढ़ोतरी की है। इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक विन्देश्वरी प्रसाद पाण्डेय, निरीक्षक रामजीत यादव, उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला (साइबर सेल), उपनिरीक्षक मो. असलम शाह, रिक्रूट कांस्टेबल आशुतोष और चालक कांस्टेबल सत्यप्रकाश मौर्य शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के मुख्य सरगना सलीम चिश्ती और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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